Silver Prices Crash: भारी-भरकम गिरावट... सिर्फ 7 दिनों में ₹20,000 सस्ती हुई चांदी, सामने आए 5 बड़े कारण

Edited By Updated: 26 Oct, 2025 02:07 PM

huge drop  silver becomes cheaper by 20 000 in just 7 days 5 reasons revealed

बीते एक सप्ताह में चांदी के दामों में तेज गिरावट देखने को मिली। सिर्फ सात दिनों में चांदी 20,000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई। एमसीएक्स और घरेलू मार्केट दोनों में गिरावट हुई। इसका मुख्य कारण दिवाली के बाद मांग में कमी, निवेशकों की मुनाफावसूली,...

नेशनल डेस्क : सोने के दामों में जहां बीते एक सप्ताह में गिरावट देखने को मिली, वहीं चांदी का भाव भी तेजी से टूट गया। लगातार बढ़ते सिल्वर रेट पर पिछले सप्ताह ब्रेक लगा और महज सात दिनों में चांदी लगभग 20,000 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। यह गिरावट न केवल MCX पर, बल्कि घरेलू मार्केट में भी स्पष्ट रूप से गिरावट दर्ज हुई है।

Multi Commodity Exchange (MCX) पर 16 अक्टूबर को चांदी की कीमत 1,67,663 रुपये प्रति किलो थी। सप्ताह के आखिर तक यह गिरकर 1,47,150 रुपये प्रति किलो हो गई। यानी केवल सात कारोबारी दिनों में चांदी का भाव 20,513 रुपये प्रति किलो तक टूट गया।

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घरेलू मार्केट में भी गिरावट

घरेलू बाजार में भी चांदी का दाम लगातार कम होता गया। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट के अनुसार, 16 अक्टूबर को चांदी की कीमत 1,68,083 रुपये प्रति किलो थी, जो शुक्रवार तक 1,47,033 रुपये प्रति किलो पर आ गई। इस प्रकार घरेलू मार्केट में चांदी के भाव में 21,050 रुपये प्रति किलो की गिरावट हुई।

चांदी की गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण

चांदी की कीमतों में गिरावट के कई कारण हैं:

1. त्योहारी सीजन के बाद मांग में कमी: दिवाली और धनतेरस के त्योहार के बाद चांदी की मांग कम हो गई, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा।

2. निवेशकों की मुनाफावसूली: चांदी जब अपने जीवनकाल के उच्च स्तर तक पहुँचती है, तो निवेशक मुनाफा निकालते हैं, जिससे कीमतें गिरती हैं।

3. डॉलर की मजबूती: चांदी और सोना डॉलर में ट्रेड होते हैं। अमेरिकी डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के निवेशकों के लिए चांदी महंगी हो जाती है, जिससे मांग कम होती है। बीते समय में डॉलर इंडेक्स में लगभग 0.8% तक तेजी आई।

4. वैश्विक स्थिरता: अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड टेंशन कम होने से सेफ हेवन माने जाने वाले कीमती धातुओं की मांग घट गई।

5. ETF और कमोडिटी मार्केट का असर: बड़े ETF फंड जब चांदी में अपनी होल्डिंग कम करते हैं, तो बाजार में आपूर्ति बढ़ती है और कीमत गिरती है।

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