Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 May, 2025 12:34 PM

भारत की अंतरिक्ष ताकत अब सिर्फ चांद, मंगल या सौर मिशनों तक सीमित नहीं रही, अब यह देश की रणनीतिक सुरक्षा का भी सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है। हाल ही में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद इसरो ने एक चौंकाने वाला और गर्व से भरा खुलासा किया है—देश की सुरक्षा...
नेशनल डेस्क: भारत की अंतरिक्ष ताकत अब सिर्फ चांद, मंगल या सौर मिशनों तक सीमित नहीं रही, अब यह देश की रणनीतिक सुरक्षा का भी सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है। हाल ही में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद इसरो ने एक चौंकाने वाला और गर्व से भरा खुलासा किया है—देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 10 सैटेलाइट्स 24x7 निगरानी पर तैनात हैं।
बता दें कि इससे पहले मणिपुर के इंफाल में एक दीक्षांत समारोह के दौरान इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने यह अहम जानकारी साझा की। उन्होंने साफ किया कि भारत अब एक “जीवंत अंतरिक्ष शक्ति” बन चुका है और 2040 तक हमारा खुद का स्पेस स्टेशन भी होगा।
10 सैटेलाइट्स कर रहे देश की रक्षा
डॉ. नारायणन ने बताया कि भारत की सुरक्षा रणनीति अब अंतरिक्ष तक विस्तृत हो चुकी है। आज देश के सीमावर्ती इलाकों से लेकर समुद्री तटों तक, भारतीय उपग्रह निगरानी, डेटा कलेक्शन और रियल-टाइम अलर्ट का काम कर रहे हैं। ये उपग्रह सीमाओं पर होने वाली हर हलचल पर नज़र रख रहे हैं “अगर हमें अपने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, तो हमें अपने उपग्रहों के माध्यम से सेवा करनी होगी,” - डॉ. वी. नारायणन
समुद्री तट से लेकर पहाड़ों तक उपग्रहों की नज़र
भारत के 7,000 किलोमीटर लंबे समुद्र तट और उत्तर के संवेदनशील इलाकों की निगरानी अब केवल सुरक्षाबलों पर निर्भर नहीं रही। उपग्रह और ड्रोन टेक्नोलॉजी के सहयोग से देश की सुरक्षा पर चौबीसों घंटे नज़र रखी जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर रहा। 6-7 मई की रात भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को मिसाइलों से तबाह कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने का समझौता भी हुआ।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका
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भारत ने अब तक 34 देशों के 433 उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च किए हैं
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अमेरिका के साथ मिलकर एक आधुनिक अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट पर काम चल रहा है
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G-20 के लिए एक स्पेशल सैटेलाइट विकसित हो रहा है जो जलवायु परिवर्तन और वायु प्रदूषण पर नज़र रखेगा
भारत की अंतरिक्ष यात्रा: 1975 से अब तक
छात्रों को संदेश
डॉ. नारायणन ने छात्रों से कहा, “आज आपको जो डिग्रियाँ मिली हैं, वे केवल कागज नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का टिकट हैं। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में आप अहम किरदार निभाएंगे।”