‘ऑपरेशन सिंदूर’ से ब्रह्मोस मिसाइल का दुनिया ने माना लोहा, विश्व पटल पर चमका भारत का नाम !

Edited By Updated: 25 May, 2025 03:15 PM

india s brahmos gains global spotlight after operation sindoor triumph

भारत की सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल ने हाल ही में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी ताकत का लोहा मनवा लिया है। यह ऑपरेशन भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण सफलता...

International Desk: भारत की सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल ने हाल ही में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी ताकत का लोहा मनवा लिया है। यह ऑपरेशन भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन के कई संवेदनशील ठिकानों को एकदम सटीक निशाने पर तबाह कर दिया। इस उपलब्धि के बाद ब्रह्मोस मिसाइल को न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक प्रशंसा मिली है।

 

‘ऑपरेशन सिंदूर’ क्या था?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक सैन्य अभियान था, जिसे भारतीय सशस्त्र बलों ने सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा खतरे के जवाब में अंजाम दिया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य दुश्मन के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर उनकी सैन्य ताकत को कमजोर करना था। इस मिशन में ब्रह्मोस मिसाइल की भूमिका निर्णायक रही, जिसने उच्च गति और सटीकता के साथ लक्ष्यों को नष्ट किया।

 

  ब्रह्मोस मिसाइल की खासियतः ब्रह्मोस मिसाइल को भारत-रूस के संयुक्त प्रयास से विकसित किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

 सुपरसोनिक स्पीड:  ब्रह्मोस की रफ्तार ध्वनि की गति से लगभग 2.8 से 3 गुना अधिक है, जिससे दुश्मन के लिए इसे रोकना लगभग नामुमकिन होता है।
 लंबी दूरी तक मार: इसकी मारक क्षमता 400 किलोमीटर तक है, जो इसे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक महत्व का हथियार बनाती है।
 विविध मोड:  इसे जमीन से जमीन, जमीन से समुद्र, समुद्र से हवा तक कई मोड में लॉन्च किया जा सकता है।
 सटीकता: अत्याधुनिक नेविगेशन तकनीक की मदद से यह मिसाइल अपने लक्ष्य को सेंटीमीटर तक सटीक निशाने पर मारती है।
 तेज प्रतिक्रिया: इसका लांचिंग सिस्टम बेहद तेज है, जिससे युद्धक्षेत्र में तुरंत कार्रवाई संभव होती है।

 

वैश्विक प्रभाव और निर्यात संभावनाएं
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद कई देश भारत की इस मिसाइल तकनीक में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। भारत ने भी ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात शुरू कर दिया है, जिससे रक्षा क्षेत्र में आर्थिक विकास को बल मिला है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मोस मिसाइल न केवल भारत की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करेगी, बल्कि देश को एक मजबूत रक्षा निर्यातक के रूप में भी स्थापित करेगी।

 

भारत-रूस रक्षा सहयोग
ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। दोनों देशों के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने मिलकर इसे विकसित किया, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करता है। यह मिसाइल परियोजना भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देने और स्वदेशीकरण के लक्ष्य को पूरा करने में भी सहायक साबित हुई है।

 

भारतीय रक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को देश की सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। मंत्रालय ने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल की सफलता से भारत की सामरिक ताकत में वृद्धि हुई है और यह देश को अपने पड़ोसियों और क्षेत्रीय शक्तियों के बीच सशक्त स्थिति में रखती है। मंत्रालय ने आगे कहा कि भविष्य में ब्रह्मोस मिसाइल तकनीक को और उन्नत बनाने पर ध्यान दिया जाएगा ताकि यह और अधिक प्रभावशाली बन सके। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की सफलता ने साबित कर दिया है कि भारत ने मिसाइल तकनीक में विश्व स्तरीय दक्षता हासिल कर ली है। यह मिसाइल भारतीय सेना की ताकत का प्रतीक बन चुकी है और आने वाले समय में भारत की सुरक्षा नीति में इसका और भी अहम योगदान रहेगा। ब्रह्मोस की यह सफलता भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
 

 

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