Edited By Rohini Oberoi,Updated: 07 Feb, 2026 10:30 AM

क्या आपने कभी सोचा है कि चांद की सतह से कोई एस्ट्रोनॉट अपनी फैमिली को सीधे व्हाट्सएप मैसेज करे या इंस्टाग्राम रील शेयर करे? अब यह हकीकत बनने जा रहा है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने दशकों पुराने नियम को बदलते हुए अंतरिक्ष यात्रियों को अपने साथ...
iPhone in Space : क्या आपने कभी सोचा है कि चांद की सतह से कोई एस्ट्रोनॉट अपनी फैमिली को सीधे व्हाट्सएप मैसेज करे या इंस्टाग्राम रील शेयर करे? अब यह हकीकत बनने जा रहा है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने दशकों पुराने नियम को बदलते हुए अंतरिक्ष यात्रियों को अपने साथ iPhone और अन्य आधुनिक स्मार्टफोन ले जाने की आधिकारिक अनुमति दे दी है।
मिशन आर्टिमिस-2 में दिखेगा आईफोन का जलवा
नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेर इसाकमैन ने घोषणा की है कि आने वाले क्रू-12 (Crew-12) और आर्टिमिस-2 (Artemis II) मिशन पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्री अपने पर्सनल स्मार्टफोन साथ रख सकेंगे।
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क्यों लिया गया यह फैसला? नासा का मानना है कि स्मार्टफोन के जरिए एस्ट्रोनॉट्स अपने अनुभवों को अधिक 'पर्सनल टच' के साथ रिकॉर्ड कर सकेंगे।
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कनेक्टिविटी: इसके जरिए वे अंतरिक्ष से ही अपने परिवार के साथ जुड़े रह सकेंगे और दुनिया के साथ स्पेस की हाई-क्वालिटी फोटो और वीडियो साझा कर पाएंगे।

अब तक क्यों लगा था बैन?
हैरानी की बात यह है कि अब तक अंतरिक्ष में पर्सनल फोन ले जाना मना था। इसके पीछे तीन मुख्य कारण थे:
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सुरक्षा (Security): फोन के सिग्नल कहीं स्पेसक्राफ्ट के नेविगेशन सिस्टम में बाधा न डालें।
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ड्यूरैबिलिटी (Durability): क्या स्मार्टफोन स्पेस के रेडिएशन और दबाव को झेल पाएंगे?
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सिस्टम इंटरफेरेंस: स्पेस स्टेशन के उपकरणों के साथ फोन की वेवलेंथ का टकराना।

अभी तक एस्ट्रोनॉट्स ईमेल या वीडियो कॉल के लिए केवल नासा द्वारा दिए गए खास लैपटॉप का ही इस्तेमाल करते थे।
क्या अब आईफोन स्पेस-सेफ है?
नासा ने स्पष्ट किया है कि यह अनुमति लंबी टेस्टिंग के बाद दी गई है। जांच में पाया गया कि आधुनिक स्मार्टफोन अब इतने एडवांस हैं कि वे स्पेसफ्लाइट के सभी सुरक्षा मानकों (Safety Standards) को पूरा करते हैं। जेर इसाकमैन ने इसे नासा के कल्चरल शिफ्ट के रूप में पेश किया है जहां पुराने और अप्रासंगिक हो चुके नियमों को बदला जा रहा है।

दुनिया देखेगी चांद का पर्सनल व्यू
इस फैसले से स्पेस साइंस के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी। जब एस्ट्रोनॉट्स अपने फोन से चांद की उबड़-खाबड़ सतह या पृथ्वी का नजारा लाइव दिखाएंगे, तो वह किसी प्रोफेशनल कैमरे के मुकाबले ज्यादा रीयल और कनेक्टेड लगेगा।