Edited By Parveen Kumar,Updated: 11 May, 2025 12:00 AM

हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने प्रतिक्रिया दी है, उससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति उसे कई तरह के भू-राजनीतिक लाभ प्रदान करती है।
नेशनल डेस्क: हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने प्रतिक्रिया दी है, उससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति उसे कई तरह के भू-राजनीतिक लाभ प्रदान करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की सीमाएं चीन और अफगानिस्तान जैसे महत्वपूर्ण देशों से लगती हैं, जिसके कारण कई वैश्विक शक्तियां इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में रुचि रखती हैं।
शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद भी भारत पर पाकिस्तान की आक्रामक नीति और दुनिया के कई इस्लामिक देशों से अच्छे संबंध हमेशा ही उसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाते रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अमेरिका सहित कई पश्चिमी देश नहीं चाहेंगे कि पाकिस्तान पूरी तरह से चीन के प्रभाव में चला जाए। यही कारण है कि तनाव की स्थिति में भी कई देशों ने पाकिस्तान को संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से मुद्दे हल करने की सलाह दी।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति ने उसे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण सहयोगी बना दिया है। अफगानिस्तान में अस्थिरता और आतंकवाद के बढ़ते खतरे के कारण पाकिस्तान की भूमिका इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही कारण है कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने पाकिस्तान को आतंकवाद से लड़ने के लिए आर्थिक और सैन्य सहायता प्रदान की है। इस भौगोलिक महत्व के कारण ही पाकिस्तान अक्सर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी शर्तों पर बातचीत करने में सफल रहता है।