Edited By Ramanjot,Updated: 13 Feb, 2026 11:48 PM

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में Bangladesh Nationalist Party (BNP) की बड़ी जीत पर खुशी जताई है। करीब दो दशकों बाद पार्टी ने प्रभावशाली बहुमत हासिल किया है और इसके साथ ही राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में Bangladesh Nationalist Party (BNP) की बड़ी जीत पर खुशी जताई है। करीब दो दशकों बाद पार्टी ने प्रभावशाली बहुमत हासिल किया है और इसके साथ ही राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बांग्ला और अंग्रेजी में संदेश साझा करते हुए बांग्लादेश की जनता, BNP नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत संबंधों की कामना भी की।
तारिक रहमान का सत्ता की ओर सफर
BNP चेयरमैन Tarique Rahman, जो पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia के बेटे हैं, को अगला प्रधानमंत्री माना जा रहा है। वे 17 वर्षों के निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में देश लौटे और दो सीटों से चुनाव जीतने में सफल रहे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत बांग्लादेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है। करीब 35 वर्षों बाद देश में किसी पुरुष नेता के प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव के अहम आंकड़े
299 सदस्यीय संसद में BNP को 200 से अधिक सीटें मिलीं । बहुमत के लिए 150 सीटों की जरूरत थी, जिसे पार्टी ने आराम से पार कर लिया। जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन दूसरे स्थान पर रहा और उसे 68 से 77 सीटें मिलीं। मतदान प्रतिशत लगभग 59% दर्ज किया गया।
चुनाव ऐसे समय में हुआ जब 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद Sheikh Hasina की सरकार सत्ता से बाहर हुई थी। इसके बाद Muhammad Yunus के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी।
संवैधानिक सुधारों पर भी समर्थन
इस चुनाव में केवल सत्ता परिवर्तन ही नहीं, बल्कि संवैधानिक सुधारों को लेकर भी चर्चा रही। प्रधानमंत्री पद के लिए दो कार्यकाल की सीमा जैसे प्रस्तावों को कई क्षेत्रों में समर्थन मिला, जिसे लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
क्षेत्रीय राजनीति पर असर
BNP की इस ऐतिहासिक जीत के बाद दक्षिण एशिया की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। ममता बनर्जी की ओर से दी गई बधाई को भारत-बांग्लादेश संबंधों की निरंतरता और सहयोग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।