US विदेश मंत्री रुबियो ने कहा-"भारत के बिना अमेरिका अधूरा ", चीन और रूस पर दिया सख्त संदेश

Edited By Updated: 23 Sep, 2025 11:27 AM

marco rubio on meeting s jaishankar amid tariff row

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत के साथ संबंध अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहित द्विपक्षीय ...

Washington: अमेरिका के विदेश मंत्री  मार्को रुबियो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र के इतर भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर  से मुलाकात की। इस दौरान रुबियो ने कहा कि “भारत के साथ संबंध अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं । उन्होंने कहा कि भारत के योगदान बिना अमेरिका का विकास अधूरा है।” बैठक में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, दवाइयों, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य कई द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। रुबियो ने भारत सरकार की लगातार भागीदारी की सराहना की और कहा कि दोनों देश मिलकर रणनीतिक क्षेत्रों में प्रगति को और तेज़ करेंगे। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि अमेरिका और भारत   क्वाड (QUAD) के माध्यम से  स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सहयोग जारी रखेंगे।

 

यह बैठक ऐसे समय हुई जब राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप  ने नए H-1B वीज़ा पर 1 लाख अमेरिकी डॉलर शुल्क लगाने का आदेश जारी किया है। इसका सीधा असर भारतीय आईटी और मेडिकल पेशेवरों पर पड़ा है। साथ ही, अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ भी लगा दिया है, जिससे कुल शुल्क दर 50% हो गई है-जो दुनिया में सबसे अधिक है। जयशंकर और रुबियो की बैठक उसी दिन हुई, जब भारत और अमेरिका ने एक  नए व्यापार समझौते  पर बातचीत शुरू की। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क में अमेरिकी पक्ष से मुलाकात कर रहा है, ताकि आपसी लाभकारी समझौते तक जल्द पहुँचा जा सके।

 
 विदेश मंत्री जयशंकर ने यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों से भी मुलाकात की। उन्होंने बहुपक्षवाद, भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी, यूक्रेन संघर्ष, गाजा, ऊर्जा और व्यापार जैसे मुद्दों पर खुलकर विचार साझा किए। इसके अलावा, अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के विशेष दूत और भारत के लिए नामित राजदूत  सर्जियो गोर ने भी जयशंकर से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।जयशंकर इस समय न्यूयॉर्क में हैं और 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में  भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य  पेश करेंगे।
 

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