Indian Bullion Market: सोना-चांदी कब होंगे सस्ते? एक्सपर्ट्स के अनुमान क्या कहते हैं

Edited By Updated: 04 Feb, 2026 03:41 PM

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शादियों के इस मौसम में सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे परिवारों के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कुछ समय पहले कीमतों में आई मामूली कमी के बाद अब बाजार में एक बार फिर तेजी का रुख देखने को मिल रहा है, जिससे मीडिल क्लास की चिंताएं...

नेशनल डेस्क:  शादियों के इस मौसम में सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे परिवारों के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कुछ समय पहले कीमतों में आई मामूली कमी के बाद अब बाजार में एक बार फिर तेजी का रुख देखने को मिल रहा है, जिससे मीडिल क्लास की चिंताएं बढ़ गई हैं।

 बाजार में फिर लौटी बढ़त और ताजा भाव
वायदा बाजार (MCX) से लेकर सर्राफा बाजार तक, कीमती धातुओं के दाम फिर से चढ़ने लगे हैं। बुधवार को सोने की कीमत बढ़कर 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गई, वहीं चांदी में भी 4% का बड़ा उछाल देखा गया और यह 2.52 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को छू गई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव फिलहाल 1.52 लाख रुपये के आसपास बना हुआ है। हालांकि यह जनवरी के अपने उच्चतम स्तर (1.83 लाख रुपये) से कम है, लेकिन फिर भी आम आदमी के बजट के लिए यह काफी बड़ी कीमत है।

देश के प्रमुख शहरों में आज की स्थिति
देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमतों में थोड़ा बहुत अंतर देखा जा रहा है। 
दिल्ली, लखनऊ, जयपुर और गुड़गांव जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना लगभग 1,51,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। 
 क्षिण भारत के चेन्नई जैसे शहरों में यह भाव 1.53 लाख रुपये के पार है। 
चांदी की बात करें तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत लगभग सभी प्रमुख शहरों में 1 किलो चांदी की कीमत 2.80 लाख रुपये के करीब पहुंच गई है। ये बढ़ते दाम शादी-ब्याह वाले घरों के लिए बजट बिगाड़ने वाले साबित हो रहे हैं।

क्यों कम नहीं हो रहे हैं दाम?
सोने-चांदी की कीमतों में इस भारी तेजी के पीछे कई वैश्विक और स्थानीय कारण हैं। दुनिया भर में चल रहे तनाव के कारण निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए सोना खरीद रहे हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग ने इसकी कीमतों को काफी ऊपर पहुंचा दिया है। डॉलर की मजबूती और स्थानीय स्तर पर लगने वाले टैक्स भी इन कीमतों को प्रभावित करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में चांदी का 1 लाख से 4 लाख रुपये के पार पहुंचना इस बात का गवाह है कि यह अब केवल आभूषण नहीं, बल्कि एक कीमती औद्योगिक धातु बन चुकी है।

 बढ़ती मांग और ग्लोबल टेंशन से कीमतों में उबाल

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वर्तमान की तरह दुनिया भर में राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता बनी रही, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की मांग और बढ़ेगी। ऐसी स्थिति में इनके दाम आज के मुकाबले कहीं ज्यादा ऊपर जा सकते हैं, जिससे आम जनता के लिए खरीदारी करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। वैश्विक अनिश्चितता सीधे तौर पर मध्यम वर्ग के बजट पर अतिरिक्त बोझ डालने का काम कर रही है। बाजार के जानकारों का मानना है कि 2026 के अंत तक सोने के दाम 1.75 लाख से 1.95 लाख रुपये तक जा सकते हैं, जबकि चांदी 4.6 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा भी छू सकती है। 

सरकारी नीतियों और टैक्स कटौती से राहत की उम्मीद
भविष्य में कीमतों के नीचे आने की एक बड़ी उम्मीद सरकारी फैसलों पर टिकी है। यदि भारत सरकार अपनी नीतियों में बदलाव करते हुए सोने-चांदी पर लगने वाले सरकारी शुल्क (टैरिफ) या जीएसटी की दरों में कमी करती है, तो बाजार में कीमतों का दबाव कम होगा। टैक्स में मिलने वाली ऐसी किसी भी राहत से घरेलू बाजार में सोना और चांदी सस्ते हो सकते हैं, जिससे आम आदमी को बड़ी राहत मिल सकती है।

 

खरीदारों के लिए सुझाव
वर्तमान हालातों को देखते हुए खरीदारी का फैसला बहुत सोच-समझकर लेने की जरूरत है। यदि आप निवेश या शादी के लिए सोना-चांदी लेना चाहते हैं, तो बाजार के उतार-चढ़ाव और सरकारी फैसलों पर कड़ी नजर रखें। विशेषज्ञों की सलाह है कि एक साथ बड़ी खरीदारी करने के बजाय टुकड़ों में निवेश करना इस समय ज्यादा सुरक्षित हो सकता है। आने वाले दिनों में ग्लोबल संकेतों और डॉलर की चाल ही यह तय करेगी कि सोना आम आदमी की पहुंच में वापस आएगा या और महंगा होगा।

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