Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 03 May, 2025 06:43 PM

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। यह उनकी पहली बैठक थी, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी...
नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। यह उनकी पहली बैठक थी, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। करीब 30 मिनट तक चली इस मुलाकात में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और सीमापार से बढ़ते खतरे को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक से पहले ही नेशनल कांफ्रेंस से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी थी कि उमर अब्दुल्ला प्रधानमंत्री मोदी को यह भरोसा देंगे कि जम्मू-कश्मीर सरकार केंद्र के हर निर्णय में पूरी तरह साथ खड़ी रहेगी। खासकर, पहलगाम जैसे आतंकी हमलों का बदला लेने और देश की सुरक्षा को मजबूत करने में। उमर अब्दुल्ला की यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब केंद्र सरकार पाकिस्तान के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की तैनाती और ऑपरेशनल सक्रियता तेज कर दी गई है।
हमले के खिलाफ एकजुट होने की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी पहलगाम आतंकी हमले की तीखी निंदा की है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों से अपील की कि वे आतंक के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "जो लोग इस हमले में शामिल हैं वे इंसानियत के दुश्मन हैं। ऐसे लोगों की जगह नरक में है।" उन्होंने सिंधु जल समझौते की समीक्षा और पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई की भी वकालत की।
मारे गए युवक आदिल शाह के घर पहुंचे फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला हमले में मारे गए स्थानीय युवक आदिल हुसैन शाह के घर भी पहुंचे और उनके परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि दी। आदिल पोनी राइड ऑपरेटर का काम करता था और हमले में मारे गए 26 लोगों में अकेला स्थानीय नागरिक था। बाकी सभी पर्यटक थे जो घूमने के लिए पहलगाम आए थे। पत्रकारों से बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए, यह तय करना प्रधानमंत्री का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वो इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे लेकिन यह जरूर बोले कि पाकिस्तान के नेताओं के भड़काऊ बयान कश्मीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
बिलावल भुट्टो के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी के भारत विरोधी बयान पर फारूक अब्दुल्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "ऐसे बयान कश्मीर में शांति की कोशिशों को बिगाड़ते हैं और अगर हम हर बात पर प्रतिक्रिया देंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे।"