पुतिन के दौरे दौरान दिल्ली का AQI था 300, मॉस्को के साफ वातावरण से था बड़ा अंतर

Edited By Updated: 07 Dec, 2025 11:31 AM

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 4-5 दिसंबर 2025 के दिल्ली दौरे के दौरान राजधानी की एयर क्वालिटी “खराब” से “बहुत खराब” तक पहुंच गई थी। मॉस्को के साफ़ वातावरण के विपरीत, दिल्ली में सर्दियों की स्थिर हवा और नमी ने PM2.5 और PM10 को सतह के पास...

नेशनल डेस्क : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 4-5 दिसंबर, 2025 के दिल्ली दौरे ने राजधानी की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर लोगों का ध्यान खींचा था। दौरे के समय दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “खराब” से “बहुत खराब” स्तर तक पहुँच गया था, जबकि पुतिन के मॉस्को जाने के समय वहां की हवा “अच्छी” बनी हुई थी।

AQI.in की रियल-टाइम रीडिंग के अनुसार मॉस्को का AQI 32-35 के बीच था, जो PM2.5 कंसंट्रेशन लगभग 6-9 µg/m³ दिखा रहा था। इसके विपरीत, दिल्ली का AQI गुरुवार सुबह 8 बजे 299 रिकॉर्ड किया गया था, जो “खतरनाक” श्रेणी में आता है। ठंडी और स्थिर सर्दियों की हवा ने प्रदूषण को सतह के पास फंसाया, जिससे राजधानी स्मॉग की मोटी परत में ढकी हुई लग रही थी।

रूसी राष्ट्रपति का दौरा उस समय हो रहा था, जब भारत और रूस के बीच स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप, ट्रेड चर्चा और जियोपॉलिटिकल परामर्श पर बातचीत हो रही थी। दिसंबर की शुरुआत से ही दिल्ली में ठंडी हवा और लगातार नमी ने PM2.5 और PM10 कणों को सतह के पास जमा कर दिया था। उस सप्ताह AQI में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन खास राहत नहीं मिली। हाल के दिनों में दिल्ली में AQI 335–342 के बीच रहा, जो “बहुत खराब” कैटेगरी में आता था।
 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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मॉस्को और दिल्ली के बीच साफ अंतर
मॉस्को में पिछले 24 घंटों से हवा की गुणवत्ता “अच्छी” बनी रही। PM लेवल कम था और AQI में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। मौसम की स्थिरता और साफ हवा ने मॉस्को को दिल्ली की तुलना में प्रदूषण-मुक्त रखा। यह अंतर दिल्ली में पुतिन के दौरे के दौरान प्रदूषण और सुरक्षा के बीच विरोधाभास को उजागर करता था।

सिक्योरिटी डिप्लॉयमेंट और तैयारी
पुतिन के दौरे के दौरान दिल्ली में अब तक के सबसे बड़े सुरक्षा तैनाती में से एक की गई थी। विशेष ज़ोन में एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किए गए, जबकि सुरक्षा टीमों ने रूसी डेलीगेशन की मूवमेंट पर एरियल और सिग्नल-लेवल सर्विलांस की निगरानी की।

रूसी सेना ने शुरुआती सुरक्षा घेरा संभाला, उसके बाद भारत के नेशनल सिक्योरिटी गार्ड और डिफेंस के लोग लेयर्स की जिम्मेदारी संभालते रहे। लुटियंस दिल्ली के होटलों को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया और एडवांस्ड मोशन-डिटेक्शन कैमरों और बेहतर सर्विलांस सिस्टम से अपग्रेड किया गया। इसके अलावा, अधिकारियों ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें गुरुवार और शुक्रवार को कई सड़कों पर पाबंदियां और डायवर्जन लगाए गए थे, खासकर सेंट्रल दिल्ली में जहां सिक्योरिटी इंतज़ाम सबसे कड़े थे।

पर्यावरण और उच्च-स्तरीय बैठक का विरोधाभास
हालांकि पुतिन का दौरा भारत-रूस रिश्तों की मजबूती को दर्शाता था, लेकिन दिल्ली और मॉस्को के बीच AQI का भारी अंतर चर्चा का विषय बन गया। यह अंतर दिल्ली के लिए लंबे समय तक प्रदूषण कम करने की आवश्यकता को स्पष्ट करता है, खासकर जब शहर उच्च-प्रोफाइल ग्लोबल मीटिंग्स और जियोपॉलिटिकल वार्ता आयोजित कर रहा था।

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