Edited By Rahul Singh,Updated: 30 Sep, 2023 07:57 PM

मामला उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के एक स्कूल का है, जिसने 'गुरू' नाम को बदनाम करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। दरअसल, अयोध्या जिले के तहसील रुदौली क्षेत्र के मवई के एक परिषदीय विद्यालय के प्रिंसिपल द्वारा 5वीं क्लास की छात्रा के साथ स्कूल के कमरे...
नेशनल डैस्क : वैसे तो अध्यापक को भगवान का दर्जा किया जाता है, क्योंकि वो ना सिर्फ बच्चों को ज्ञान बांटने का काम करते हैं बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं। हालांकि, कलयुग दौर में कई बार ऐसी घटनाएं सुनने को मिल जाती हैं जो समाज को शर्मसार कर देती हैं। मामला उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के एक स्कूल का है, जिसने 'गुरू' नाम को बदनाम करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। दरअसल, अयोध्या जिले के तहसील रुदौली क्षेत्र के मवई के एक परिषदीय विद्यालय के प्रिंसिपल द्वारा 5वीं क्लास की छात्रा के साथ स्कूल के कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया।
स्कूल में की अश्लील हरकत
छात्रा के कपड़े उतारने और उसके निजी अंगों को छूने के आरोप में प्रिंसिपल रिजवान अहमद को कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया है। छात्रा के पिता की तहरीर पर थाना बाबा बाजार पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज किया, जिसके बाद बीएसए संतोषी राय ने आरोपी प्रिंसिपल को निलंबित कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। बीएसए ने बताया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। रिजवान अहमद ने 10 वर्षीय छात्रा को छुट्टी के बाद स्कूल में ही रोक लिया था। उसके ऊपर आरोप है कि प्रिंसिपल ने छात्रा को एक कमरे में कैद किया और फिर उसको कपड़े उतारने के लिए कहा। साथ ही उसके निजी अंगों को छेड़कर अश्लील हरकत को अंजाम दिया।
घटना सुन परिवार रहा दंग
वहीं इस घटना को लड़की के द्वारा ही जब परिवार ने जाना तो वह दंग रह गए। यह घटना 16 सितंबर की थी, लेकिन इसके बाद लड़की ने स्कूल जाने के लिए मना कर दिया था। जब परिवारवालों ने लड़की को स्कूल जाने के लिए कहा तो वह साफ मना करती थी। फिर 28 सितंबर को जब पिता की डांट सुनने के बाद लड़की ने पूरी घटना सुनाई, जिसके बाद परिवार ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। परिवार को करीब 10 दिन बाद प्रिसिंपल की घटिया करतूत का पता लगा।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
रुदौली के सीओ सतेंद्र भूषण तिवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि तत्काल समुचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराकर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। अन्य जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे उन्हें सम्मिलित करते हुए विवेचनात्मक कार्रवाई करते हुए यदि आरोपी दोषी पाया गया तो यथाशीघ्र फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा उसे सजा दिलाई जाएगी।