Edited By Tanuja,Updated: 12 Jan, 2026 05:31 PM

अमेरिका के भारत में नामित राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्ती वास्तविक है। उन्होंने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, व्यापार समझौते, सुरक्षा सहयोग और भारत को PaxSilica पहल में शामिल करने की...
International Desk: भारत में अमेरिका के नामित राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के विशेष दूत सर्जियो गोर ने सोमवार को अमेरिकी दूतावास परिसर में शपथ ली। इस सप्ताह वह भारत के राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र सौंपेंगे। इस मौके पर उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कई अहम बयान दिए। सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दोस्ती पूरी तरह वास्तविक है। उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दुनिया भर में यात्रा कर चुका हूं और मैं यह प्रमाणित कर सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती सच्ची है। असली दोस्त मतभेद रख सकते हैं, लेकिन अंत में उन्हें सुलझा लेते हैं।”
उन्होंने भारत को “एक असाधारण राष्ट्र” बताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य दोनों देशों की साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाना है। गोर ने कहा कि यह दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी लोकतंत्र के बीच का संगम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत दौरे पर आ सकते हैं। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बात करते हुए गोर ने माना कि यह एक कठिन प्रक्रिया है, लेकिन दोनों पक्ष इसे अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार के अलावा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग और मजबूत किया जाएगा।
इस दौरान सर्जियो गोर ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत को अगले महीने PaxSilica में पूर्ण सदस्य के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। PaxSilica अमेरिका के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित और नवाचार-आधारित सिलिकॉन, सेमीकंडक्टर, AI और तकनीकी सप्लाई चेन तैयार करना है। इस पहल में पहले ही जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और इज़राइल शामिल हो चुके हैं। गोर ने कहा कि नई तकनीकों को अपनाते समय भारत और अमेरिका का साथ-साथ काम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने भारत की जनता को नवाचारी, सहनशील और आध्यात्मिक बताते हुए कहा कि यह साझेदारी इस सदी की सबसे प्रभावशाली वैश्विक भागीदारी बन सकती है।