Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 Jan, 2026 11:40 AM
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जनवरी से प्रदेश में शीतलहर और पाले का असर धीरे-धीरे कम होने लगेगा। पश्चिमी विक्षोभ के चलते न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, हालांकि...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जनवरी से प्रदेश में शीतलहर और पाले का असर धीरे-धीरे कम होने लगेगा। पश्चिमी विक्षोभ के चलते न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, हालांकि इसके साथ ही सुबह के समय कोहरे की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। वहीं 19 जनवरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बूंदाबांदी और बारिश होने के संकेत भी दिए गए हैं, जिससे मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है।
बीते दिनों प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ गया। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मुरादाबाद और रुहेलखंड मंडल में शीतलहर का असर ज्यादा देखने को मिला। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में आने वाली रात तक कहीं-कहीं शीतलहर और पाले की स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन इसके बाद हालात में धीरे-धीरे सुधार होगा।
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ रहा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ रहा है और इसके बाद दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। इनके प्रभाव से अगले पांच से छह दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में लगभग चार से छह डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से 15 जनवरी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत अन्य इलाकों में ठंड का असर धीरे-धीरे कम महसूस होगा।
हालांकि, तापमान बढ़ने के साथ कोहरे की समस्या और गंभीर हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 जनवरी के बाद सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना बढ़ जाएगी। तराई क्षेत्र, पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में दृश्यता काफी कम रह सकती है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ने की आशंका है। दिन निकलने के बाद कोहरा धीरे-धीरे छंट सकता है, जिससे दिन के समय मौसम साफ और सुहावना रहने की उम्मीद है। धूप निकलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत भी मिलेगी।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बदलता मौसम फसलों पर मिला-जुला असर डाल सकता है। रबी की फसलें जैसे गेहूं, सरसों और आलू पाले से प्रभावित हो सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में पाले की आशंका को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने खेतों में हल्की सिंचाई करने, धुआं करने और अन्य जरूरी कृषि उपाय अपनाने की सिफारिश की है।
19 जनवरी से प्रदेश के मौसम में एक और बड़ा बदलाव
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 19 जनवरी से प्रदेश के मौसम में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बूंदाबांदी के साथ हल्की से मध्यम बारिश शुरू होने की संभावना है, जो धीरे-धीरे अन्य हिस्सों में भी फैल सकती है। बारिश के कारण तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है, लेकिन पहले से बढ़े न्यूनतम तापमान की वजह से ठंड पहले जैसी तीखी महसूस नहीं होगी। इसके अलावा बारिश से हवा की गुणवत्ता में सुधार होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मौसम में हो रहे इस बदलाव को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। कोहरा और बढ़ी हुई नमी के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सुबह और रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है।
यातायात विभाग ने भी घने कोहरे को लेकर वाहन चालकों को सतर्क किया है। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करने, गति नियंत्रित रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। रेलवे प्रशासन ने भी संभावित कोहरे के कारण ट्रेनों की समय-सारिणी पर नजर रखने की बात कही है।
कुल मिलाकर, 15 जनवरी से प्रदेश में शीतलहर और पाले से कुछ राहत मिलने के आसार हैं, लेकिन कोहरा और 19 जनवरी के बाद संभावित बारिश नई परेशानियां खड़ी कर सकती है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अलर्ट जारी किए जाएंगे। बदलते मौसम को देखते हुए आम लोग, किसान और प्रशासन सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।