Edited By Rohini Oberoi,Updated: 16 Jan, 2026 09:16 AM

मकर संक्रांति बीतने के बाद उत्तर भारत के लोगों को उम्मीद थी कि ठंड कम होगी लेकिन मौसम विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणी ने चिंता बढ़ा दी है। हिमालयी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है जिसके प्रभाव से दिल्ली,...
IMD Rainfall Alert: मकर संक्रांति बीतने के बाद उत्तर भारत के लोगों को उम्मीद थी कि ठंड कम होगी लेकिन मौसम विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणी ने चिंता बढ़ा दी है। हिमालयी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है जिसके प्रभाव से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और यूपी सहित कई राज्यों में बारिश और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होने वाली है।

पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानों में बारिश
मौसम विभाग द्वारा जारी दो सप्ताह के पूर्वानुमान के अनुसार 16 से 20 जनवरी के बीच मौसम का मिजाज कुछ इस तरह रहेगा:
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पहाड़ी क्षेत्र (16-20 जनवरी): जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से लेकर भारी बर्फबारी और बारिश का अलर्ट है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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मैदानी इलाके (18-20 जनवरी): पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
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यूपी, बिहार और राजस्थान (19-20 जनवरी): पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और घने कोहरे का दोहरा असर देखने को मिलेगा।

तापमान में उतार-चढ़ाव और शीतलहर
अगले कुछ दिनों में तापमान के ग्राफ में भी बदलाव देखने को मिलेगा। अगले 4 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है जिससे रात की कड़ाके की ठंड से हल्की राहत मिलेगी। 16 जनवरी को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में गंभीर शीतलहर (Severe Cold Wave) की स्थिति बनी रहेगी। छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भी शीतलहर चलने की आशंका है।

जनवरी के आखिरी हफ्ते (22-28 जनवरी) का पूर्वानुमान
ठंड का यह सिलसिला यहीं नहीं थमेगा। जनवरी के अंतिम सप्ताह में भी राहत मिलने के आसार कम हैं। 22 से 28 जनवरी के बीच हिमालयी क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बर्फबारी होने की संभावना है। मैदानों के कई हिस्सों में महीने के आखिर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है जिससे नमी और ठिठुरन बनी रहेगी।