Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Feb, 2026 08:21 AM

उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। हाल ही में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से पहाड़ी इलाकों में जमकर बर्फ गिरी है, जबकि दिल्ली-एनसीआर समेत कई मैदानी राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि ने ठिठुरन बढ़ा दी...
नेशनल डेस्क: उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। हाल ही में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से पहाड़ी इलाकों में जमकर बर्फ गिरी है, जबकि दिल्ली-एनसीआर समेत कई मैदानी राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
बीते 24 घंटों का हाल: कहीं बारिश तो कहीं कोहरा
पिछले कुछ समय में हिमालयी क्षेत्रों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई। इसका असर मैदानों पर भी दिखा:
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मैदानी इलाके: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई।
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ओलावृष्टि: राजस्थान के कुछ इलाकों में ओले गिरे।
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तेज हवाएं: उत्तराखंड में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
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धुंध की मार: पंजाब और हरियाणा में घने कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार थम गई और यातायात पर बुरा असर पड़ा।
अगले कुछ दिन: दो नए सिस्टम बढ़ाएंगे मुश्किलें
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, राहत की उम्मीद अभी कम है क्योंकि 3 और 5 फरवरी को दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं। इसका प्रभाव कुछ इस तरह रहेगा:
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पहाड़ों पर: मध्यम स्तर की बर्फबारी और बारिश जारी रहेगी।
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मैदानों में: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
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चेतावनी: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की संभावना है। साथ ही, 5 फरवरी तक घना कोहरा छाया रहेगा।
फरवरी का पूर्वानुमान: किसानों के लिए चिंता की बात
पूरे फरवरी महीने को लेकर मौसम विभाग ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट दी है। इस बार ठंड और बारिश दोनों ही उम्मीद से कम रहने वाली हैं:
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कम बारिश: इस महीने देश भर में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। खासकर गेहूं उगाने वाले राज्यों (पंजाब, हरियाणा, यूपी, एमपी) में बारिश का स्तर काफी नीचे रह सकता है।
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बढ़ता तापमान: दिन और रात का तापमान औसत से ज्यादा रहेगा, जिसका मतलब है कि ठंड का अहसास कम होगा और गर्मी जल्दी दस्तक दे सकती है।
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खेती पर असर: सूखा मौसम और अधिक तापमान रबी की फसलों (जैसे गेहूं) को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सिंचाई का खास ख्याल रखें।