Edited By Pardeep,Updated: 05 Feb, 2026 06:10 AM

गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद पुलिस की जांच में सामने आया है कि उनकी मौत का संबंध एक कोरियन ऑनलाइन “लव गेम” से था, जिसके वे लंबे समय से आदी हो चुकी थीं। अधिकारियों का कहना है कि इस...
नेशनल डेस्कः गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद पुलिस की जांच में सामने आया है कि उनकी मौत का संबंध एक कोरियन ऑनलाइन “लव गेम” से था, जिसके वे लंबे समय से आदी हो चुकी थीं। अधिकारियों का कहना है कि इस गेम ने उनकी सोच, मानसिकता और वास्तविकता की समझ को बुरी तरह प्रभावित किया।
क्या हुआ उस रात? — बेहद दर्दनाक घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, घटना गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके की है। तीनों बहनें 16, 14 और 12 साल की आधी रात के बाद अपने घर के पूजा-कक्ष में चली गईं। इसके बाद उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया, एक कुर्सी लगाकर खिड़की तक पहुंचीं और फिर नौवीं मंजिल से एक-एक कर कूद गईं। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना पूरे इलाके के लिए सदमे की तरह थी।
डायरी में मिला चौंकाने वाला सच
पुलिस को घर से लड़कियों की एक डायरी मिली, जिसमें बेहद हैरान करने वाली बातें लिखी थीं। डायरी में माफी मांगते हुए नोट थे, कई चित्र और स्केच बने थे और बार-बार कोरियन संस्कृति व गेम की काल्पनिक दुनिया का जिक्र था। पुलिस का कहना है कि इन लिखावटों से साफ दिखता है कि लड़कियां खुद को भारतीय नहीं, बल्कि “कोरियन राजकुमारियां” मानने लगी थीं। यह मानसिक स्थिति कोविड के बाद धीरे-धीरे विकसित हुई थी।
आखिर क्या है यह ‘कोरियन लव गेम’?
असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (ACP) अतुल कुमार सिंह के मुताबिक यह गेम टास्क-बेस्ड (कार्य आधारित) है, जिसमें खिलाड़ी कोई काल्पनिक किरदार अपनाते हैं और अलग-अलग मिशन पूरे करने होते हैं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि यह कौन-सा ऐप था। पुलिस लड़कियों के फोन की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि सही गेम की पहचान की जा सके।
2–3 साल से गेम की लत, माता-पिता परेशान थे
जांच में पता चला कि तीनों बहनें करीब 2–3 साल से इस गेम की आदी थीं। वे ज्यादातर समय एक साथ मोबाइल पर खेलती रहती थीं। हाल ही में उनके माता-पिता ने मोबाइल इस्तेमाल कम करने की कोशिश की थी। माना जा रहा है कि इस पाबंदी से वे मानसिक रूप से बहुत परेशान हो गई थीं। उनके पिता ने बाद में बताया कि उन्हें पता ही नहीं था कि गेम में “खतरनाक टास्क” दिए जाते हैं। उन्हें यह भी नहीं मालूम था कि उनकी बेटियां कोरिया जाने का सपना देखने लगी थीं।
पुलिस क्या कह रही है?
ट्रांस-हिंडन DCP निमिश पाटिल ने बताया कि सुसाइड नोट में किसी खास ऐप का नाम नहीं है, लेकिन यह साफ दिखता है कि लड़कियां कोरियन संस्कृति से गहराई से प्रभावित थीं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने ANI को बताया कि उसने पहले एक लड़की को कूदते देखा, और बाकी दो उसे बचाने की कोशिश में गिर गईं। हालांकि, पुलिस अभी भी सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
स्कूल भी छोड़ चुकी थीं लड़कियां
एक रिपोर्ट के अनुसार तीनों बहनें कोविड के बाद से नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रही थीं। वे इस कोरियन गेम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं। गेम उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा हिस्सा बन चुका था।
जांच अभी जारी है
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऑनलाइन गेम की लत ने उनकी मानसिक स्थिति को कितना प्रभावित किया,