Edited By Rohini Oberoi,Updated: 04 Jan, 2026 03:58 PM

अक्सर सामाजिक समारोहों या पार्टियों में देखा जाता है कि समान मात्रा में शराब पीने के बावजूद महिलाओं पर इसका असर पुरुषों की तुलना में जल्दी और ज्यादा होता है। कई लोग इसे केवल क्षमता (Capacity) का मामला मानते हैं लेकिन विज्ञान कहता है कि इसके पीछे...
नेशनल डेस्क। अक्सर सामाजिक समारोहों या पार्टियों में देखा जाता है कि समान मात्रा में शराब पीने के बावजूद महिलाओं पर इसका असर पुरुषों की तुलना में जल्दी और ज्यादा होता है। कई लोग इसे केवल क्षमता (Capacity) का मामला मानते हैं लेकिन विज्ञान कहता है कि इसके पीछे महिलाओं के शरीर की अनूठी बनावट और जैविक प्रक्रियाएं (Biological Processes) जिम्मेदार हैं। आइए जानते हैं वे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं जो महिलाओं को जल्दी नशे की स्थिति में ले जाते हैं:
1. शरीर में पानी की कमी और फैट की अधिकता
पुरुषों के शरीर में मांसपेशियों (Muscles) की मात्रा अधिक होती है जिनमें पानी का स्तर ज्यादा होता है। इसके विपरीत महिलाओं के शरीर में प्राकृतिक रूप से 'बॉडी फैट' अधिक और पानी की मात्रा कम होती है। शराब पानी में घुलनशील होती है। महिलाओं के शरीर में पानी कम होने के कारण शराब का घनत्व (Concentration) उनके खून में जल्दी बढ़ जाता है जिससे नशा तेज महसूस होता है।

2. एंजाइम 'ADH' की कमी
हमारे शरीर में Alcohol Dehydrogenase (ADH) नाम का एक विशेष एंजाइम होता है जो पेट और लिवर में शराब को तोड़ने (Metabolize) का काम करता है। शोध बताते हैं कि महिलाओं के शरीर में यह एंजाइम पुरुषों की तुलना में काफी कम होता है। इसका मतलब है कि महिलाओं का शरीर शराब को उतनी तेजी से नहीं पचा पाता जिससे वह लंबे समय तक खून में बनी रहती है।

3. हार्मोनल बदलाव का प्रभाव
महिलाओं के शरीर में होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव, विशेष रूप से एस्ट्रोजन (Estrogen) लेवल, शराब के अवशोषण को प्रभावित करते हैं। मासिक धर्म (Periods) या ओव्यूलेशन के दौरान जब एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ा होता है तब शराब शरीर में और भी तेजी से घुलती है। यही वजह है कि महीने के कुछ दिनों में महिलाएं बहुत कम मात्रा में भी जल्दी नशे में आ सकती हैं।

4. शरीर का आकार और वजन
आमतौर पर पुरुषों का शारीरिक ढांचा बड़ा और वजन अधिक होता है। बड़ा शरीर होने का मतलब है कि शराब को फैलने के लिए अधिक जगह मिलती है। महिलाओं का शरीर तुलनात्मक रूप से छोटा और हल्का होने के कारण शराब का प्रभाव 'कंसंट्रेटेड' यानी सघन होता है जो सीधे मस्तिष्क पर असर डालता है।

5. लिवर की कार्यक्षमता
लिवर वह मुख्य अंग है जो शराब के जहरीले तत्वों को साफ करता है। महिलाओं का लिवर पुरुषों के लिवर की तुलना में थोड़ा धीमा काम करता है। इस धीमी प्रोसेसिंग के कारण न केवल नशा जल्दी चढ़ता है बल्कि इसका असर (Hangover) भी पुरुषों के मुकाबले ज्यादा समय तक रह सकता है।