Edited By Parveen Kumar,Updated: 01 Oct, 2023 05:06 PM

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को कहा कि वह पार्टी के विभाजन के संबंध में सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए छह अक्टूबर को नयी दिल्ली में जाएंगे।
नेशनल डेस्क: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को कहा कि वह पार्टी के विभाजन के संबंध में सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए छह अक्टूबर को नयी दिल्ली में जाएंगे। पवार ने महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नार में संवाददाताओं से कहा कि हर कोई जानता है कि पार्टी का संस्थापक कौन है। पवार ने कहा कि उन्हें समन मिला है और वह सुनवाई के लिए उपस्थित रहेंगे।
अजित पवार और आठ विधायकों के महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे नीत सरकार में शामिल होने के बाद शरद पवार द्वारा गठित राकांपा दो जुलाई को विभाजित हो गई। दोनों समूहों ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के लिए निर्वाचन आयोग में याचिका दायर की है। शरद पवार ने कहा, ‘‘आम आदमी क्या सोचता है, यह महत्वपूर्ण है। कुछ लोगों ने एक अलग राजनीतिक रुख अपनाया है और मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता क्योंकि लोकतंत्र में यह उनका अधिकार है। लेकिन, महाराष्ट्र और देश के बाकी लोग जानते हैं कि राकांपा का संस्थापक कौन है।
मेरे लोग जो कहते हैं कि स्थिति हमारे अनुकूल है, उसमें सच्चाई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जिन्होंने भाजपा से हाथ मिलाया है, वे राकांपा के नहीं हो सकते। हमें इस तरह से समझौता स्वीकार नहीं है।'' पवार ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया' के अगले कदमों को आगामी कुछ दिनों में अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘लोग बदलाव चाहते हैं और यह 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद देखा जाएगा।''