Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Jan, 2026 07:13 PM

देश की राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के लिए अब नई आफत आ गई है। जो लोग जाम से बचने या समय बचाने के लिए अक्सर 'रॉन्ग साइड' (Wrong Side Driving) गाड़ी चला लेते थे, उनके लिए अब सिर्फ चालान भरना काफी नहीं होगा। दिल्ली पुलिस ने इस...
नेशनल डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के लिए अब नई आफत आ गई है। जो लोग जाम से बचने या समय बचाने के लिए अक्सर 'रॉन्ग साइड' (Wrong Side Driving) गाड़ी चला लेते थे, उनके लिए अब सिर्फ चालान भरना काफी नहीं होगा। दिल्ली पुलिस ने इस खतरनाक आदत को अब सीधे-सीधे अपराध मान लिया है और ऐसे मामलों में FIR दर्ज करना शुरू कर दिया है।
दिल्ली में 'रॉन्ग साइड' गाड़ी चलाना अब क्राइम! सिर्फ चालान नहीं, होगी FIR और जाना होगा जेल
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। अब उल्टी दिशा में वाहन चलाने पर महज 5,000 रुपये का जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि आपको थाने और कोर्ट के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं।
पहली बार दर्ज हुई FIR: क्या है नया नियम?
एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जहां रॉन्ग साइड ड्राइविंग को लेकर सीधे FIR दर्ज की गई है। 3 जनवरी को दिल्ली कैंट और 5 जनवरी को कापसहेड़ा थाने में मामले दर्ज हुए। इन FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाह ड्राइविंग) और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। ट्रैफिक पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर की शिकायत पर स्थानीय थाने ने यह कार्रवाई की है।
क्यों बदला गया नियम? पुलिस ने बताया कारण
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है: साल 2025 में 3 लाख से अधिक रॉन्ग साइड ड्राइविंग के मामले सामने आए, जिनमें 1.78 लाख चालान और 1.27 लाख नोटिस दिए गए। यह आंकड़ा 2024 के 2.49 लाख मामलों से काफी ज्यादा था। पुलिस का मानना है कि अब लोगों में सिर्फ चालान का डर नहीं रहा है, इसलिए सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी हो गई थी।
सजा के प्रावधान
रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर अब तक सिर्फ 5,000 रुपये का जुर्माना लगता था। लेकिन BNS की धारा 281 के तहत अब 6 महीने तक की जेल या 1,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
वाहन जब्त: अपराधी का वाहन भी जब्त कर लिया जाएगा।
कानूनी प्रक्रिया: भले ही यह एक जमानती अपराध है, लेकिन आरोपी को थाने और कोर्ट की लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिससे समय और पैसे दोनों बर्बाद होंगे।
किन स्थितियों में दर्ज होगी FIR?
पुलिस ने साफ किया है कि हर रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर FIR नहीं होगी। FIR तभी दर्ज की जाएगी, जब ड्राइवर की गलत दिशा में वाहन चलाने से ट्रैफिक पर गंभीर असर पड़ रहा हो या किसी की जान को खतरा हो।