इस देश का 'Secret' Women's Land! जहां पुरुषों की एंट्री पर सख्त पाबंदी, कदम रखने से पहले माननी पड़ती हैं कड़ी शर्तें

Edited By Updated: 04 Jan, 2026 03:59 PM

america s secret women s land where men are strictly forbidden

क्या आप एक ऐसी जगह की कल्पना कर सकते हैं जहां सुबह की शुरुआत पुरुषों के आदेशों से नहीं बल्कि प्रकृति की शांति से होती हो? जहां घर की छत बनाने से लेकर सुरक्षा तक का हर जिम्मा सिर्फ महिलाओं के पास हो? अमेरिका के ओरेगन (Oregon) राज्य की दुर्गम...

इंटरनेशनल डेस्क। क्या आप एक ऐसी जगह की कल्पना कर सकते हैं जहां सुबह की शुरुआत पुरुषों के आदेशों से नहीं बल्कि प्रकृति की शांति से होती हो? जहां घर की छत बनाने से लेकर सुरक्षा तक का हर जिम्मा सिर्फ महिलाओं के पास हो? अमेरिका के ओरेगन (Oregon) राज्य की दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच एक ऐसा ही गुप्त संसार बसा है जिसे 'विमेंस लैंड' (Women's Land) कहा जाता है। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं बल्कि नारीवादी अलगाववाद (Feminist Separatism) का एक जीवंत उदाहरण है जो पिछले 50 सालों से पितृसत्तात्मक समाज की बेड़ियों को चुनौती दे रहा है।

नो-मेन पॉलिसी: पुरुषों की परछाई तक वर्जित

1970 के दशक में शुरू हुए इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए एक ऐसी सुरक्षित शरणस्थली बनाना था जहां पुरुषों का कोई हस्तक्षेप न हो। ओरेगन के इन जंगलों में 'रूटवर्क्स' और 'वी विमेन' जैसे कई छोटे समुदाय बसे हैं।

यहां के कड़े नियम:

यह भी पढ़ें: Kitchen के सामान से लेकर AC तक सब कुछ होने वाला है महंगा, जानें कौन सा मेटल छू रहा आसमान

आत्मनिर्भरता और सिस्टरहुड (Sisterhood)

इन महिलाओं का मानना है कि बाहरी दुनिया पुरुषों के नजरिए से बनाई गई है। इसलिए उन्होंने प्रकृति की गोद में अपनी एक अलग रियासत खड़ी की है।

  • ऊर्जा और संसाधन: ये महिलाएं सौर ऊर्जा (Solar Energy) से अपनी बिजली पैदा करती हैं और खेती के जरिए अपना भोजन खुद उगाती हैं।

  • बराबरी का फैसला: यहां कोई लीडर नहीं होता। राशन लाने से लेकर नए सदस्य को शामिल करने तक हर फैसला 'आम सहमति' (Consensus) से लिया जाता है। जब तक हर महिला 'हां' न कह दे तब तक कोई नियम लागू नहीं होता।

इस दुनिया का हिस्सा कैसे बनें?

इस 'गुप्त संसार' की सदस्यता पाना आसान नहीं है। इसकी प्रक्रिया काफी सख्त है:

  1. विजिटर फेज: इच्छुक महिलाओं को पहले मेहमान के तौर पर कुछ दिन रहना होता है।

  2. विचारधारा का मिलन: अगर वहां रह रही बुजुर्ग और पुरानी सदस्य आपकी मेहनत और सोच से संतुष्ट होती हैं तभी आपको 'सिस्टरहुड' में शामिल किया जाता है।

  3. श्रम अनिवार्य: यहां ऐश-ओ-आराम नहीं है। कड़ाके की ठंड के लिए लकड़ियां जुटाने से लेकर फसल की रखवाली तक हर काम में हाथ बंटाना जरूरी है।

यह भी पढ़ें: 2025 में किस देश में गूंजी सबसे ज्यादा किलकारी और कहां रहा सन्नाटा? जानें

वर्तमान स्थिति: क्या यह दुनिया खत्म हो रही है?

कभी सैकड़ों की संख्या में रहने वाली महिलाओं की तादाद अब सिमटकर 50 से 100 के बीच रह गई है। हालांकि सालाना वर्कशॉप के दौरान हजारों महिलाएं यहां आती हैं।

  • चुनौतियां: आर्थिक तंगी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कई बस्तियां बंद हो गई हैं।

  • नई पीढ़ी: अब नई पीढ़ी की लड़कियां पर्यावरण संरक्षण और 'इकोफेमिनिज्म' (Ecofeminism) के उद्देश्य से इन जमीनों की रक्षा कर रही हैं।

यह जगह उन लोगों के लिए एक मिसाल है जो समाज के पारंपरिक ढांचे से अलग एक न्यायपूर्ण और वैकल्पिक दुनिया का सपना देखते हैं।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!