Edited By jyoti choudhary,Updated: 09 Dec, 2023 02:48 PM

टाटा ग्रुप असम में एक सेमीकंडक्टर प्रोसेसिंग प्लांट लगाना चाहता है। इस प्लांट के लिए टाटा ग्रुप 40,000 करोड़ रुपए का निवेश करना चाहता है। ग्रुप ने प्लांट लगाने के लिए एक आवेदन सबमिट किया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स (पूर्व में...
बिजनेस डेस्कः टाटा ग्रुप असम में एक सेमीकंडक्टर प्रोसेसिंग प्लांट लगाना चाहता है। इस प्लांट के लिए टाटा ग्रुप 40,000 करोड़ रुपए का निवेश करना चाहता है। ग्रुप ने प्लांट लगाने के लिए एक आवेदन सबमिट किया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर कर यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि टाटा का यह प्लांट प्रदेश के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
असम के मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
असम के मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, 'टाटा ग्रुप ने असम में 40,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ एक सेमीकंडक्टर प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए आवेदन सबमिट किया है। यह एक गेम-चेंजर साबित होगा। हमारे राज्य को बदलने में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर मार्गदर्शन के लिए मैं उनका आभार प्रकट करता हूं।'
गुजरात में भी प्लांट लगा रहा है टाटा
कुछ महीने पहले ही अमेरिकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने साणंद में नई असेंबली और टेस्टिंग सुविधा के निर्माण के लिए टाटा प्रोजेक्ट्स को कॉन्ट्रैक्ट दिया है। माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने करीब 22,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले चिप एसेंबली और परीक्षण निर्माण प्लांट की आधारशिला रखी थी। माइक्रोन दो चरणों में प्लांट बनाने में 82.5 करोड़ डॉलर तक का निवेश करेगी। बाकी का निवेश केंद्र और राज्य सरकार से आएगा।
देश को सेमीकंडक्टर हब बनाना चाहती है सरकार
मोदी सरकार देश को सेमीकंडक्टर हब बनाना चाहती है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा था कि भारत ने सेमीकंडक्टर हब बनने की अपनी यात्रा शुरू कर दी है। बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए भारत को जल्द ही 5 लाख करोड़ रुपए की चिप्स की आवश्यकता होगी।