नोट छपाई पर 1 साल में कितना खर्च कर देता है RBI, रिजर्व बैंक ने शेयर की रिपोर्ट

Edited By Updated: 29 May, 2025 03:12 PM

expenditure on printing banknotes increased by 25  reached 6 372 8 crore

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हालिया वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में बैंक नोटों की छपाई पर खर्च सालाना आधार पर करीब 25% बढ़कर ₹6,372.8 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹5,101.4 करोड़ था।

बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हालिया वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में बैंक नोटों की छपाई पर खर्च सालाना आधार पर करीब 25% बढ़कर ₹6,372.8 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹5,101.4 करोड़ था।

रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में प्रचलन में बैंक नोटों का मूल्य 6% और मात्रा 5.6% बढ़ी। मूल्य के हिसाब से ₹500 के नोट की हिस्सेदारी सबसे अधिक 86% रही, हालांकि इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मात्रा की दृष्टि से ₹500 के नोट की हिस्सेदारी 40.9% और ₹10 के नोट की हिस्सेदारी 16.4% रही।

कम मूल्यवर्ग के नोट और सिक्के

कम मूल्यवर्ग के नोट- ₹10, ₹20 और ₹50 की कुल हिस्सेदारी 31.7% रही। वहीं, सिक्कों की मात्रा में 3.6% और मूल्य में 9.6% की वृद्धि दर्ज की गई।

₹2000 के नोटों की वापसी लगभग पूरी

मई 2023 में शुरू किए गए ₹2000 के नोटों की वापसी अभियान के तहत, 31 मार्च 2025 तक 98.2% नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ चुके हैं, जो पहले 3.56 लाख करोड़ रुपए के मूल्य में थे।

ई-रुपी में बूम, 334% की बढ़त

वित्त वर्ष 2024-25 में प्रचलन में ई-रुपी (CBDC) के उपयोग में 334% की बढ़त दर्ज की गई, जो डिजिटल मुद्रा को तेजी से अपनाने की दिशा में संकेत करता है।

जाली नोटों का विश्लेषण

बैंकिंग प्रणाली में पकड़े गए जाली नोटों में ₹10, ₹20, ₹50, ₹100 और ₹2000 के नोटों में गिरावट देखी गई। हालांकि, ₹200 और ₹500 के जाली नोटों में क्रमशः 13.9% और 37.3% की वृद्धि हुई। कुल जब्त जाली नोटों में से 4.7% RBI में पकड़े गए।

स्वदेशीकरण की दिशा में बड़ा कदम

RBI ने यह भी बताया कि वह बैंक नोट छपाई के लिए स्वदेशी संसाधनों पर निर्भरता बढ़ा रहा है। अब बैंक नोट कागज, विभिन्न स्याही और सुरक्षा विशेषताएं घरेलू स्तर पर तैयार की जा रही हैं। इसके साथ ही नई और उन्नत सुरक्षा फीचर्स की दिशा में भी काम जारी है।
 

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