Crude Oil fall to $50: संकट से भारत को फायदा, 5 रुपए सस्ता हो सकता है Petrol-Diesel

Edited By Updated: 06 Jan, 2026 12:07 PM

india to benefit from the venezuela crisis petrol and diesel prices could drop

अमेरिका का वेनेजुएला पर सैन्य और राजनीतिक दबाव भारत के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो सकता है। सुनने में यह बात अजीब जरूर लगती है लेकिन देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) की एक रिपोर्ट कुछ ऐसा ही संकेत दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले छह...

बिजनेस डेस्कः अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव का असर अब कच्चे तेल के बाजार पर साफ दिखने लगा है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट संभव है। अगर क्रूड 50 डॉलर प्रति बैरल तक फिसलता है, तो इसका सीधा फायदा भारत को मिल सकता है। इंपोर्ट बिल घटने के साथ-साथ महंगाई पर दबाव कम होगा और पेट्रोल-डीजल की कीमतें 5 रुपए प्रति लीटर तक सस्ती हो सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले छह महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में मौजूदा स्तर से कम से कम 12 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट देखने को मिल सकती है।

इस गिरावट का सीधा फायदा भारत की अर्थव्यवस्था को कई मोर्चों पर मिल सकता है—चाहे वह इंपोर्ट बिल में कमी हो, महंगाई पर नियंत्रण हो या फिर रुपए की मजबूती।

यह भी पढ़ें: MCX-Comex Gold Rate: गोल्ड का नया रिकॉर्ड, 10g सोना हुआ और भी महंगा, चांदी ने चौंकाया

 

50 डॉलर तक फिसल सकता है कच्चा तेल

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक कच्चे तेल की कीमतें 50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 के बाद से तेल की कीमतों में गिरावट का ट्रेंड बना हुआ है और वेनेजुएला से जुड़े हालिया घटनाक्रम ने भी बाजार में कोई बड़ा उछाल नहीं पैदा किया है।

पिछले एक हफ्ते से अमेरिकी क्रूड ऑयल के दाम 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बने हुए हैं, जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 61 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। अगर एसबीआई का अनुमान सही साबित होता है, तो अमेरिकी क्रूड में करीब 14 फीसदी और ब्रेंट क्रूड में लगभग 19 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।

भारत को क्या-क्या होंगे फायदे?

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चा तेल अगर 50 डॉलर प्रति बैरल तक आ जाता है तो:

महंगाई में और नरमी

वित्त वर्ष 2026-27 में सीपीआई आधारित महंगाई 3.4 फीसदी से नीचे रह सकती है।

जीडीपी ग्रोथ को सपोर्ट

कम ऊर्जा कीमतों से भारत की जीडीपी ग्रोथ दर में 0.1 से 0.15 फीसदी तक का अतिरिक्त इजाफा हो सकता है।

इंपोर्ट बिल में बड़ी राहत

कच्चा तेल भारत के आयात बास्केट का सबसे बड़ा हिस्सा है। कीमतें गिरने से अरबों डॉलर के इंपोर्ट बिल में कटौती संभव है।

यह भी पढ़ें: Richest Person: अमीरों की दौड़ में एलन मस्क आगे, Ambani-Adani को लगा झटका 

पेट्रोल-डीजल हो सकते हैं सस्ते

भले ही रिपोर्ट में इसका सीधा जिक्र नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चा तेल 50 डॉलर प्रति बैरल होने पर पेट्रोल और डीजल 5 रुपए प्रति लीटर तक सस्ते हो सकते हैं।

रुपया हो सकता है मजबूत

एसबीआई के अनुमान के अनुसार, तेल कीमतों में 14 फीसदी की गिरावट से रुपया करीब 3 फीसदी मजबूत हो सकता है और डॉलर के मुकाबले 87.5 के स्तर तक आ सकता है।

यह भी पढ़ें: Rupee Stronger Today: रुपए की गिरावट थमी, आज डॉलर के मुकाबले इतना हुआ मजबूत 

मौजूदा कच्चे तेल के भाव

मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • ब्रेंट क्रूड 0.23 फीसदी गिरकर 61.63 डॉलर प्रति बैरल पर
  • अमेरिकी WTI क्रूड 0.31 फीसदी टूटकर 58.14 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा

जानकारों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में वेनेजुएला का तेल वैश्विक बाजार में बड़े पैमाने पर लौटता है, तो कच्चे तेल की कीमतों पर और दबाव बन सकता है।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!