Edited By Sarita Thapa,Updated: 03 Jan, 2026 09:47 AM

मथुरा-वृंदावन में साल 2026 का स्वागत बेहद भव्य तरीके से हुआ। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 25 दिसंबर से लेकर जनवरी के पहले सप्ताह तक करीब 25 लाख भक्तों ने कान्हा की नगरी में मत्था टेका।
Braj Bhoomi Faith Surge : मथुरा-वृंदावन में साल 2026 का स्वागत बेहद भव्य तरीके से हुआ। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 25 दिसंबर से लेकर जनवरी के पहले सप्ताह तक करीब 25 लाख भक्तों ने कान्हा की नगरी में मत्था टेका। भक्ति का यह जोश इतना ज्यादा था कि गलियों से लेकर मुख्य मंदिरों तक सिर्फ सिर ही सिर नजर आ रहे थे।
मुख्य आकर्षण और भीड़ के केंद्र
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर: यहां भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम करने पड़े।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारिकाधीश: मथुरा के इन प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
गोवर्धन और बरसाना: गोवर्धन की सप्तकोसी परिक्रमा और बरसाना के लाडली जी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा रहा।
पिछले वर्षों के रिकॉर्ड टूटे
जिलाधिकारी के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में 30-40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बेहतर यातायात सुविधा और बुनियादी ढांचे के विकास को इस भारी भीड़ का मुख्य कारण माना जा रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम किए हैं।
बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक और 16 नए पार्किंग स्थल बनाए गए।
होटल और गेस्ट हाउस पूरी तरह बुक होने के कारण सरकारी रैन बसेरों में भी उत्तम व्यवस्था की गई।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे भीड़ के दबाव को देखते हुए धैर्य बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
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