Edited By Sarita Thapa,Updated: 02 Feb, 2026 01:26 PM

चारधाम यात्रा 2026 के शुरू होने से पहले, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
Char Dham Helicopter Service 2026 : चारधाम यात्रा 2026 के शुरू होने से पहले, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यदि आप इस वर्ष केदारनाथ या अन्य धामों के लिए हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन बदलावों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
चारधाम हेली सेवा 2026 के क्या हैं नए नियम ?
पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम और तकनीकी खराबी के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए DGCA ने इस बार जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।
स्लॉट मैनेजमेंट और समय की पाबंदी
अब हेलीकॉप्टर कंपनियों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर ही उड़ान भरनी होगी। यदि कोई ऑपरेटर बिना वैध कारण के देरी करता है या निर्धारित स्लॉट का उल्लंघन करता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य केदारनाथ जैसे संवेदनशील रूटों पर हवाई ट्रैफिक को कम करना है।
पायलटों के लिए विशेष ट्रेनिंग और रेस्ट
DGCA ने अनिवार्य किया है कि चारधाम रूट पर उड़ान भरने वाले पायलटों के पास पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भरने का न्यूनतम अनुभव होना चाहिए। पायलटों के लिए ड्यूटी के घंटों और आराम के समय की सख्त निगरानी की जाएगी ताकि थकान की वजह से कोई मानवीय चूक न हो।
वजन और सामान की सख्त जांच
हेलीकॉप्टर की क्षमता से अधिक वजन ले जाना दुर्घटना का बड़ा कारण बनता है। अब प्रत्येक यात्री का डिजिटल वेट चेक अनिवार्य होगा। सामान के वजन को लेकर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। तय सीमा से अधिक वजन होने पर बोर्डिंग से मना किया जा सकता है।
टिकटों की कालाबाजारी पर रोक
टिकटों की धांधली रोकने के लिए इस बार भी सभी बुकिंग IRCTC के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही की जाएंगी। DGCA ने साफ किया है कि किसी भी एजेंट या अनधिकृत वेबसाइट से लिए गए टिकट मान्य नहीं होंगे।
मौसम और तकनीकी ऑडिट
उड़ान भरने से पहले हर दिन हेलीकॉप्टर का टेक्निकल ऑडिट किया जाएगा। मौसम खराब होने की स्थिति में पायलट पर उड़ान भरने के लिए किसी भी तरह का दबाव (कमर्शियल प्रेशर) डालना अब कानूनी अपराध माना जाएगा।
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