Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ में मांस व शराब पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध, भूस्खलन और रूट डायवर्जन के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 12:03 PM

kedarnath yatra 2026

Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में एक अहम समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, केदारनाथ विधायक,...

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Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में एक अहम समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, केदारनाथ विधायक, घोड़ा-खच्चर एवं डंडी-कंडी यूनियनों के प्रतिनिधि तथा ऊखीमठ, गुप्तकाशी और केदारनाथ नगर पंचायतों के अध्यक्ष व अधिकारी मौजूद रहे।

इस दौरान यात्रा से जुड़ी प्रारंभिक तैयारियों, व्यवस्थाओं की रूपरेखा, विभागीय दायित्वों और बीकेटीसी, हकधारकों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों में सुरक्षात्मक कार्य समय पर पूरा करने और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि श्रद्धालुओं को पूरी आस्था और सुविधा के साथ बाबा केदार के दर्शन कराना सभी से जुड़े पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

पार्किंग में स्थानीय सहभागिता को बढ़ावा
यात्रा के दौरान पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए यह निर्णय लिया गया कि जिन स्थानों पर स्थानीय महिला समूह पार्किंग का संचालन कर रहे हैं, वहां से प्राप्त आय का आधा हिस्सा स्थानीय समूहों को और शेष आधा संबंधित प्राधिकरण को दिया जाएगा। साथ ही गौरीकुंड में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग स्नान व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।

डंडी-कंडी व्यवस्था के लिए विशेष समिति
डंडी-कंडी संचालन से जुड़ी समस्याओं के समाधान और बेहतर प्रबंधन के लिए उपजिलाधिकारी ऊखीमठ की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। इस समिति में थाना प्रभारी, समाज कल्याण अधिकारी, एडीओ पंचायत और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति डंडी-कंडी पर्ची काउंटरों के लिए उपयुक्त स्थान तय करेगी, जिससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिले। सभी संचालकों का पंजीकरण, चिकित्सीय जांच और सत्यापन अनिवार्य रहेगा।

घोड़ा-खच्चर संचालन पर सख्ती

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना पंजीकरण के किसी भी घोड़ा-खच्चर को यात्रा मार्ग पर अनुमति नहीं दी जाएगी। जनपद के स्थानीय संचालकों को प्राथमिकता मिलेगी और सभी घोड़ों का बीमा कराना अनिवार्य होगा।

सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री सुविधा पर फोकस
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं पर नियंत्रण रखने और टेंटों में ठहरने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुलभ शौचालयों में नियमित कर्मियों की तैनाती तथा महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड निस्तारण की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। ठंड से राहत के लिए प्रमुख पड़ावों पर अलाव और रेन शेल्टर की व्यवस्था भी की जाएगी।

मांस और शराब पर पूर्ण प्रतिबंध
यात्रा की पवित्रता बनाए रखने के लिए सोनप्रयाग से ऊपर के क्षेत्र में मांस, शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री व सेवन पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया। इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जिला पंचायत बोर्ड में प्रस्ताव पारित कराने के निर्देश भी दिए गए।

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