Edited By Prachi Sharma,Updated: 10 Jan, 2026 11:33 AM

Jagannath Temple : श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने मंदिर से जुड़े भक्त निवास परिसरों में ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए चार पहिया वाहनों की पार्किंग पर 500 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। यह राशि 24 घंटे की पार्किंग के लिए तय की गई है, जिसमें...
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Jagannath Temple : श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने मंदिर से जुड़े भक्त निवास परिसरों में ठहरने वाले श्रद्धालुओं के लिए चार पहिया वाहनों की पार्किंग पर 500 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। यह राशि 24 घंटे की पार्किंग के लिए तय की गई है, जिसमें 18 प्रतिशत जीएसटी भी शामिल है। जैसे ही इस फैसले की जानकारी सामने आई, श्रद्धालुओं के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इसका तीखा विरोध शुरू कर दिया।
मंदिर प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नियम एसजेटीए के अंतर्गत आने वाले चारों भक्त निवास परिसरों में लागू होगा और केवल उन्हीं लोगों से शुल्क लिया जाएगा जो इन गेस्ट हाउसों में ठहरते हैं।
प्रशासन ने दी सफाई
मंदिर के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने कहा कि यह कदम पार्किंग व्यवस्था को बेहतर और सुव्यवस्थित बनाने के साथ-साथ सुविधाओं में सुधार के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, बढ़ते विरोध को देखते हुए पुरी की जिलाधिकारी दिव्य ज्योति परिदा ने संकेत दिए हैं कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वे एसजेटीए की उप मुख्य प्रशासक की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
पुरी से बीजेडी विधायक सुनील कुमार मोहंती ने इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि आमतौर पर होटलों में ठहरने वाले मेहमानों से अलग से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाता, ऐसे में श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है।
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि उन्हें इस फैसले की जानकारी नहीं थी, लेकिन सरकार ऐसा ही निर्णय लेगी जो जनहित में हो और खासकर गरीब व आम लोगों को राहत देने वाला हो। वहीं, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इस शुल्क को अनुचित बताते हुए कहा कि इससे तीर्थयात्रियों पर बेवजह आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
बीजेडी ने लगाए आरोप
भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत करते हुए बीजेडी के उपाध्यक्ष संजय दास बर्मा ने भी इस पार्किंग शुल्क को तुरंत खत्म करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भक्त निवासों में ठहरने की दरें पहले ही काफी बढ़ चुकी हैं और अब पार्किंग फीस लगाकर श्रद्धालुओं की आस्था से कमाई की जा रही है।
श्रद्धालुओं में नाराजगी
पुरी आने वाले नियमित श्रद्धालु चतुर्भुज सामल ने इस शुल्क की तुलना हवाई अड्डों की पार्किंग से करते हुए कहा कि वहां भी पार्किंग का शुल्क लगभग 150 रुपये होता है, जबकि यहां 500 रुपये वसूले जा रहे हैं। उनके अनुसार, यह देश की सबसे महंगी पार्किंग फीस में से एक हो सकती है, जिससे आम भक्तों में नाराजगी स्वाभाविक है।