Edited By Sarita Thapa,Updated: 09 Jan, 2026 10:31 AM

बाबा केदारनाथ के दर्शन की चाह रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। केदारघाटी के दुर्गम रास्तों और पहाड़ों की चुनौतियों को कम करने के लिए सरकार ने सोनप्रयाग से चौमासी के बीच एक 7 किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक टनल के निर्माण...
Kedarnath New Tunnel Project 2026 : बाबा केदारनाथ के दर्शन की चाह रखने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। केदारघाटी के दुर्गम रास्तों और पहाड़ों की चुनौतियों को कम करने के लिए सरकार ने सोनप्रयाग से चौमासी के बीच एक 7 किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक टनल के निर्माण की योजना को हरी झंडी दे दी है। यह सुरंग न केवल केदारनाथ यात्रा के सफर को घंटों से घटाकर मिनटों में सिमट देगी, बल्कि भारी बारिश और भूस्खलन के दौरान भी भक्तों के लिए एक सुरक्षित लाइफलाइन का काम करेगी। आधुनिक इंजीनियरिंग का यह बेजोड़ नमूना तीर्थयात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा।
यात्रा का समय होगा कम
केदारनाथ मार्ग पर अक्सर भूस्खलन और संकरे रास्तों के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब सोनप्रयाग से चौमासी के बीच 7 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की योजना को मंजूरी मिल गई है। इस टनल के बनने से घंटों का सफर महज कुछ ही मिनटों में सिमट जाएगा।
लैंडस्लाइड और जाम से मिलेगी मुक्ति
मानसून के समय केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहाड़ों से गिरता मलबा हमेशा एक बड़ा खतरा रहता था। यह नई टनल न केवल दूरी कम करेगी, बल्कि यात्रियों को पहाड़ों के खतरनाक ढलानों से बचाकर एक सुरक्षित और ऑल-वेदर रास्ता प्रदान करेगी।
चौमासी रूट की बढ़ेगी अहमियत
वर्तमान में केदारनाथ जाने के लिए सोनप्रयाग मुख्य पड़ाव है जहां अक्सर भारी भीड़ रहती है। चौमासी के रास्ते टनल बनने से केदारनाथ जाने के लिए एक वैकल्पिक और तेज रास्ता मिल जाएगा। इससे केदारघाटी के अन्य क्षेत्रों में भी पर्यटन और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
इस 7 किमी लंबी सुरंग का निर्माण हिमालय की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाएगा। इसमें वेंटिलेशन, इमरजेंसी एग्जिट और लाइटिंग की वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं होंगी।
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