Prayagraj Magh Mela 2026 : संगम नगरी का गौरवमयी श्रृंगार, संतों की भव्य यात्रा के साथ माघ मेले में शुरू हुआ मोक्ष का महापर्व

Edited By Updated: 11 Jan, 2026 11:56 AM

prayagraj magh mela 2026

संगम की रेती पर जब संतों के कदम पड़े और जयकारों से आकाश गुंजायमान हुआ, तो लगा मानो साक्षात देवलोक प्रयागराज की धरती पर उतर आया हो। माघ मेला 2026 का विधिवत आगाज़ संतों की एक ऐसी भव्य शोभा यात्रा के साथ हुआ, जिसने संगम नगरी के गौरवमयी श्रृंगार में चार...

Prayagraj Magh Mela 2026 : संगम की रेती पर जब संतों के कदम पड़े और जयकारों से आकाश गुंजायमान हुआ, तो लगा मानो साक्षात देवलोक प्रयागराज की धरती पर उतर आया हो। माघ मेला 2026 का विधिवत आगाज़ संतों की एक ऐसी भव्य शोभा यात्रा के साथ हुआ, जिसने संगम नगरी के गौरवमयी श्रृंगार में चार चांद लगा दिए। सजी-धजी पालकियों, हाथी-घोड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच जब संतों का कारवां संगम की ओर बढ़ा, तो लाखों श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से भर आईं। यह केवल एक मेले की शुरुआत नहीं है, बल्कि कड़ाके की ठंड में एक महीने तक चलने वाले उस कठिन कल्पवास और साधना का संकल्प है, जिसे सनातन धर्म में मोक्ष का द्वार माना गया है।

संतों की भव्य शोभा यात्रा 
मेले का सबसे आकर्षक केंद्र रहा साधु-संतों और विभिन्न अखाड़ों का संगम की ओर प्रस्थान। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, सजी-धजी पालकियों और हाथी-घोड़ों के साथ निकली इस भव्य शोभा यात्रा ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। संतों के दर्शन के लिए सड़कों के दोनों ओर भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा, जिन्होंने पुष्पवर्षा कर संतों का अभिनंदन किया।

आस्था का महाकुंभ स्वरूप
भले ही यह माघ मेला है, लेकिन इसकी भव्यता किसी कुंभ से कम नजर नहीं आ रही है। संगम तट पर चारों ओर फैले तंबुओं का शहर, गूँजते मंत्र और हर हर गंगे के उद्घोष ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने 'मोक्ष' की कामना लेकर त्रिवेणी की पावन धारा में डुबकी लगा रहे हैं।

कल्पवास और साधना का संकल्प
इस मेले के साथ ही संगम तट पर एक महीने के कठिन 'कल्पवास' की शुरुआत भी हो गई है। देश के कोने-कोने से आए कल्पवासी कड़ाके की ठंड में भी गंगा किनारे रहकर सात्विक जीवन, भजन और तपस्या के माध्यम से अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा का संचय कर रहे हैं।

प्रशासनिक चाक-चौबंद व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया है, जहाँ अस्पतालों, पेयजल, और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के जरिए निगरानी रखी जा रही है।

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