Ujjain Mahakal Mandir: आज सुबह की भस्म आरती में निखरा महाकाल का दिव्य तेज, श्रद्धा से भर उठे भक्त

Edited By Updated: 09 Nov, 2025 09:03 AM

ujjain mahakal mandir

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार यानी आज प्रातःकाल की भस्म आरती ने भक्तों को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया। भोर होते ही जब मंदिर के पट खोले गए, तब बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार देखने योग्य था।

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Ujjain Mahakal Mandir: उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार यानी आज प्रातःकाल की भस्म आरती ने भक्तों को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया। भोर होते ही जब मंदिर के पट खोले गए, तब बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार देखने योग्य था। शिवलिंग पर त्रिपुंड तिलक, ताज़े बेल पत्रों की माला और सुगंधित चंदन के साथ भगवान का अलौकिक स्वरूप भक्तों को भक्ति और शांति की अनुभूति करवा रहा था।

भस्म आरती की शुरुआत पंचामृत अभिषेक से हुई, जिसमें दूध, शहद, दही, घी और शक्कर से भगवान का स्नान कराया गया। इसके बाद गर्मागर्म भस्म चढ़ाकर भगवान की शृंगार विधि संपन्न की गई। मंदिर के गर्भगृह में शंखनाद, ढोल, नगाड़े और वेद मंत्रों की ध्वनि ने वातावरण को और अधिक पवित्र बना दिया। इस अनोखी आरती के दौरान भक्तों का उत्साह देखने लायक था। पूरे मंदिर परिसर में 'जय श्री महाकाल' के जयकारे गूंज रहे थे।

भस्म आरती देखने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। कई भक्त देर रात से ही लाइन में खड़े थे ताकि उन्हें आरती का प्रत्यक्ष दर्शन मिल सके। वहीं, जो भक्त यात्रा पर नहीं आ सके, उन्होंने ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से आरती का लाभ उठाया। माना जाता है कि उज्जैन में होने वाली यह भस्म आरती मृत्यु और जीवन की अनंतता का प्रतीक है। यह शिव के उस रूप की याद कराती है जो सृष्टि के आरंभ और अंत, दोनों का आधार है। इस आरती में शामिल होना, भक्तों के लिए आध्यात्मिक शांति, ऊर्जा और मानसिक संतुलन का अद्भुत साधन माना जाता है।
 

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