Edited By Sarita Thapa,Updated: 09 Apr, 2026 11:02 AM

धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर आस्था के महापर्व की साक्षी बनने जा रही है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रसिद्ध पंचकोशी यात्रा 12 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो रही है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
Ujjain Panchkoshi Yatra 2026 : धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर आस्था के महापर्व की साक्षी बनने जा रही है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रसिद्ध पंचकोशी यात्रा 12 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो रही है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। लगभग 118 किलोमीटर लंबी यह पवित्र पदयात्रा 5 दिनों तक चलेगी और 16 अप्रैल को पूर्ण होगी।
यात्रा की शुरुआत श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर नाग चंदेश्वर महादेव दर्शन करने पहुंचे हैं यहां से श्रद्धालु बल लेकर पांच दिवसीय पैदल यात्रा करते हैं, जहां से वे भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर कठिन मार्ग पर निकलते हैं। वैशाख माह की तपती गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखती। नंगे पांव, सिर पर सामान लेकर भक्त इस यात्रा को पूर्ण करते हैं, जिसे पापों के नाश और सुख-समृद्धि प्राप्ति का माध्यम माना जाता है।
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इस पंचकोशी यात्रा में श्रद्धालु पांच प्रमुख पड़ावों- पिंगलेश्वर, कायवरोहण, बिल्वोदक, दुर्दरेश्वर और कर्कोटकेश्वर के दर्शन करते हुए 84 शिवलिंगों की परिक्रमा करते हैं। यह यात्रा उज्जैन के चारों दिशाओं में स्थित भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का प्रतीक है। प्रशासन द्वारा यात्रा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। संभाग आयुक्त, कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मार्ग का निरीक्षण कर पेयजल, टेंट, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। पुलिस बल भी जगह-जगह तैनात रहेगा।
इसके अलावा सामाजिक संस्थाएं और स्थानीय लोग भी जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था कर सेवा भाव का परिचय देते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा को जीवित रखने का भी माध्यम है।
(विशाल ठाकुर)
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