Edited By Pardeep,Updated: 12 Oct, 2025 05:39 AM

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा तनाव अब युद्ध जैसी स्थिति में पहुंच गया है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच शुक्रवार देर रात से भीषण गोलीबारी जारी है, जिसमें अब तक 12 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत और कई चौकियों के तबाह होने की खबर है।
इंटरनेशनल डेस्कः अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा तनाव अब युद्ध जैसी स्थिति में पहुंच गया है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच शुक्रवार देर रात से भीषण गोलीबारी जारी है, जिसमें अब तक 12 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत और कई चौकियों के तबाह होने की खबर है।
पाकिस्तान के हवाई हमले से शुरू हुआ विवाद
यह तनाव उस समय भड़क उठा जब 9 अक्टूबर को पाकिस्तान ने काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका जैसे अफगान प्रांतों में हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने दावा किया था कि ये हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के चीफ नूर वली मेहसूद और उसके सहयोगियों को निशाना बनाकर किए गए थे।
हालांकि, अफगानिस्तान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और चेतावनी दी थी कि इसका जवाब दिया जाएगा।
तालिबान की जवाबी कार्रवाई — कई पाक चौकियां नष्ट
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस्लामिक एमिरेट्स ऑफ अफगानिस्तान की सेना के 201 खालिद बिन वलीद आर्मी कोर ने 11 अक्टूबर की रात नंगरहार और कुनार प्रांतों में डूरंड लाइन के पास स्थित पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर जोरदार जवाबी हमला किया।
अफगान सैनिकों ने दावा किया है कि उन्होंने कई पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया है और कुनार व हेलमंद प्रांतों में दो चौकियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
जारी है भीषण मुठभेड़
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पक्तिया प्रांत के आरयूब जाजी जिले, स्पिना शागा, गीवी और मणि जाभा जैसे इलाकों में अभी भी झड़पें जारी हैं। अफगान बलों ने पाकिस्तानी सैनिकों के हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किए हैं। हल्के और भारी दोनों प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे सीमा इलाकों में दहशत फैल गई है।
काबुल पर बमबारी का आरोप
तालिबान सरकार ने शुक्रवार देर रात एक बयान जारी कर पाकिस्तान पर काबुल के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने और पक्तिका के मार्गी बाजार पर बमबारी करने का आरोप लगाया। रक्षा मंत्रालय ने इसे “भड़काऊ और हिंसक कार्रवाई” बताते हुए कहा कि “अफगानिस्तान की सीमाओं की रक्षा करना हमारा अधिकार और कर्तव्य है।”
भारत यात्रा पर तालिबान मंत्री, बोले — ‘हमारे साहस की परीक्षा न ली जाए’
इस घटनाक्रम ने उस समय तूल पकड़ा जब तालिबान शासन के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत की 8 दिवसीय यात्रा पर आए हुए हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “अफगानों के साहस की परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए। हम भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहते हैं, लेकिन यह एकतरफा नहीं हो सकता। अगर कोई हमारे धैर्य की परीक्षा लेना चाहता है, तो उसे सोवियत संघ, अमेरिका और नाटो से पूछना चाहिए कि अफगानिस्तान को कमज़ोर समझने की कीमत क्या होती है।”