Edited By Pardeep,Updated: 11 May, 2025 05:50 AM

शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) की घोषणा की गई, जिसे अमेरिका ने अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि यह समझौता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दूरदर्शिता और उपराष्ट्रपति जेडी...
इंटरनेशनल डेस्कः शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) की घोषणा की गई, जिसे अमेरिका ने अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि यह समझौता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दूरदर्शिता और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस व विदेश मंत्री मार्को रूबियो की मेहनत का नतीजा है।
ब्रूस ने कहा, “यह एक खूबसूरत साझेदारी थी। यह सब राष्ट्रपति ट्रंप की सोच और दिशा के कारण संभव हो सका। हमारे उपराष्ट्रपति वेंस और विदेश मंत्री रूबियो ने बीते 48 घंटों में लगातार बातचीत की और इसका नतीजा यह शांति समझौता रहा।” उन्होंने यह बयान एक अमेरिकी चैनल पर दिया।
लेकिन सीजफायर के तुरंत बाद बिगड़े हालात:
सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद ही दावा किया गया कि जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा:
"सीजफायर का क्या हुआ? श्रीनगर में धमाके हो रहे हैं। यह सब क्या चल रहा है?"
इससे पहले, भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा था। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने का ऐलान किया था। इसी बीच अमेरिका, चीन और सऊदी अरब की मदद से दोनों देशों के बीच युद्धविराम का समझौता हुआ।
अमेरिका की भूमिका:
अमेरिका ने इस समझौते को अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है। डोनाल्ड ट्रंप सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने दावा किया है कि अगर दोनों देश संयम बरतें, तो यह युद्धविराम लंबे समय तक चल सकता है।
सीजफायर की घोषणा के बावजूद जमीन पर हालात अभी भी नाजुक हैं। ड्रोन की गतिविधियां और धमाके दिखाते हैं कि शांति अभी दूर की बात है। अमेरिका की मध्यस्थता से बनी यह ‘खूबसूरत साझेदारी’ कितना असर दिखा पाएगी, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा।