Edited By Tanuja,Updated: 11 Dec, 2023 05:29 PM

चीन ने अपनी नई साजिश के चलते फिर अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है। इस बार चीन ने अपने कब्जे वाले तिब्बत का नाम ही बदल दिया...
बीजिंगः चीन ने अपनी नई साजिश के चलते फिर अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकर्षित किया है। इस बार चीन ने अपने कब्जे वाले तिब्बत का नाम ही बदल दिया है। मीडिया में दावा किया गया कि चीन ने तिब्बत का नाम बदलकर झिजैंग रख दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि तिब्बत के नाम बदलने को लेकर चीन ने एक श्वेत पत्र जारी किया है जिसमें 2012 में शी जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने के बाद तिब्बत लेकर की गई टिप्पणी का जिक्र है। जिसमें उन्होंने तिब्बत के विकास कार्यों की बात कही थी। इसका शीर्षक 'नए वक्त में झिजैंग में शासन को लेकर CPC की नीतियां: अप्रोच और अचीवमेंट्स' है।
कब्जाए तिब्बत का नाम बदलने की चाल के जरिए चीन इतिहास बदलने की कोशिश कर रहा है। यह पहली बार है कि चीन द्वारा तिब्बत को झिजैंग नाम से संबोधित किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के की माने तो चीन का यह कदम उन राष्ट्रों को आंख दिखाना है, जो लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन की आलोचना करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन का यह कदम एक विशेष रणनीति के तहत किया गया है। गौरतलब है कि चीन ने पहले कहा था कि तिब्बत नाम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के भीतर भ्रम पैदा करता है। अक्तूबर माह में चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा अंग्रेजी में तिब्बत के लिए झिजैंग शब्द का इस्तेमाल किया था।
चीनी समाचार एजेंसी द्वारा भी तिब्बत के लिए झिजैंग शब्द का इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह पहली बार नहीं है कि चीन ने भारत से सटे सीमा क्षेत्र को लेकर चालाकी दिखाई है। चीन भारत के क्षेत्रों को भी नक्शा जारी कर चीन में दर्शाता आया है। पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नक्शा जारी कर अपना बताने की कोशिश करता आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन की हरकत का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जमकर विरोध हो रहा है। जहां एक तरफ विरोधी राष्ट्र चीन को इस मुद्दे पर घेरने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ, मित्र राष्ट्र इसे चीन का अंदरूनी मामला बता रहे हैं।