Edited By Tanuja,Updated: 12 May, 2025 07:21 PM

चरमपंथी समूह हमास ने कहा है कि वह गाजा पट्टी में 19 महीने से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखे गए एक अमेरिकी इजराइली नागरिक को सोमवार को रिहा कर सकता...
International Desk: चरमपंथी समूह हमास ने कहा है कि वह गाजा पट्टी में 19 महीने से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखे गए एक अमेरिकी इजराइली नागरिक को सोमवार को रिहा कर सकता है। यह अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए एक सद्भावना संकेत है, जो युद्धरत पक्षों के बीच एक नए युद्धविराम की नींव रख सकता है। इजराइली सैनिक एलेक्जेंडर को 7 अक्टूबर 2023 को हमास के सीमापार हमले के दौरान दक्षिण इजराइल में उनके सैन्य अड्डे से बंधक बनाया गया था। इस हमले के बाद ही गाजा में युद्ध छिड़ गया था।
एलेक्जेंडर की अपेक्षित रिहाई मार्च में इजराइल द्वारा हमास के साथ आठ सप्ताह के युद्ध विराम को तोड़ने के बाद पहली होगी। तब उसने गाजा पर भीषण हमले किए थे, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे। इजराइल का कहना है कि अलेक्जेंडर समेत 59 बंधक अभी भी कैद में हैं, जिनमें से करीब 24 जीवित बताए जा रहे हैं और बाकी की मौत हो चुकी है। साल 2023 के हमले में हमास के नेतृत्व वाले चरमपंथियों द्वारा पकड़े गए 250 बंधकों में से कई को युद्धविराम समझौतों के तहत रिहा कर दिया गया था। ट्रंप ने कहा कि अपेक्षित रिहाई उम्मीद के अनुसार युद्ध खत्म करने की दिशा में एक कदम है। हमास ने रविवार को एलेक्जेंडर को रिहा करने की अपनी मंशा जाहिर की थी। उसने सोमवार को एक बयान में कहा कि आज शाम में उन्हें सौंपा जाएगा।
इजराइल के अधिकारियों ने रिहाई के समय को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। मंगलवार को अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा पर पश्चिम एशिया पहुंच रहे ट्रंप ने रविवार को कहा कि एलेक्जेंडर की रिहाई की योजना इस जघन्य जंग को समाप्त करने की दिशा में अमेरिका के प्रति और मध्यस्थ देशों कतर और मिस्र के प्रयासों को लेकर सद्भावना के रूप में बनाई गई है। इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को पहले कहा कि रिहाई अपेक्षित थी, लेकिन कब होगी, इसका उल्लेख नहीं किया। उसने कहा कि रिहाई के तहत युद्धविराम के लिए प्रतिबद्धता नहीं जताई गई है, लेकिन अलेक्जेंडर की रिहाई के लिए एक ‘सुरक्षित गलियारा' बनाया जाएगा। अमेरिका में रह रहा एलेक्जेंडर का परिवार इजराइल के रास्ते में है। यह जानकारी बंधकों के परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ‘हॉस्टेजिस एंड मिसिंग फेमिलीज फोरम' ने दी।