Edited By Tanuja,Updated: 31 Jan, 2026 05:34 PM

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दो टूक कहा है कि ईरान ने कभी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं की। तुर्किये में राष्ट्रपति एर्दोआन से मुलाकात के दौरान उन्होंने निष्पक्ष परमाणु समझौते और प्रतिबंध हटाने की मांग दोहराई।
International Desk: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं की और न ही उसका इरादा ऐसा करने का है। यह बयान उन्होंने तुर्किये की राजधानी इस्तांबुल में राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन और विदेश मंत्री हाकान फिदान के साथ उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दिया। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा बयान में अराघची ने कहा कि ईरान एक निष्पक्ष, संतुलित और सम्मानजनक परमाणु समझौते के लिए तैयार है, बशर्ते उसमें दो शर्तें पूरी हों-पहली, ईरान पर यह सुनिश्चित किया जाए कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा,और दूसरी, उस पर लगाए गए सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जाएं।
अराघची ने कहा कि तुर्किये समेत क्षेत्र के कई “भाईचारे वाले देश” शांति और स्थिरता के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं, जिसके लिए ईरान उनका आभारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर पश्चिम एशिया को अवैध सैन्य आक्रमण से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए अराघची ने साफ किया कि ईरान बातचीत के खिलाफ नहीं है, लेकिन धमकियों और सैन्य दबाव की छाया में कोई वार्ता संभव नहीं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमताएं किसी भी बातचीत का हिस्सा नहीं होंगी।यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की बात कही है। लगातार बढ़ते इस तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया को एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है।