Edited By Ramanjot,Updated: 26 Mar, 2026 06:49 PM

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में उत्पन्न बाधाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है। हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.46 तक पहुंच गया है, जिससे आम जनता पर महंगाई की मार और औद्योगिक लागत बढ़ने की गंभीर आशंका है।
Petrol & Diesel Price Hike: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी झटके वाली खबर सामने आई है। देश की दिग्गज निजी ईंधन रिटेलर, नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति में आई बाधाओं को देखते हुए कंपनी ने यह कदम उठाया है।
प्रमुख बदलाव और नई दरें
नायरा एनर्जी ने अपने रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन की कीमतों में निम्नलिखित वृद्धि की है:
पेट्रोल: ₹5.30 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।
डीजल: ₹3.00 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।
इस वृद्धि के बाद हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत 107.46 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में भी पेट्रोल 100 रुपए के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका है।
क्यों बढ़ीं कीमतें?
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने या बाधित होने की आशंका गहरा गई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए लाइफलाइन माना जाता है। इस मार्ग में आए व्यवधान ने भारत समेत कई देशों के सामने ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप निजी कंपनियों को इनपुट लागत (Input Cost) में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है।
महंगाई का चौतरफा खतरा
केवल नायरा ही नहीं, बल्कि इससे पहले सरकारी तेल कंपनियां जैसे IOC और BPCL भी प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इजाफा कर चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:
औद्योगिक डीजल (Industrial Diesel) के रेट्स बढ़ने से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत बढ़ेगी।
परिवहन (Logistics) महंगा होने से फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी उछाल आने की आशंका है।