Edited By Pardeep,Updated: 22 Mar, 2026 10:10 PM

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम पर ईरान ने तीखा पलटवार किया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने साफ कहा कि “हम पागलपन भरी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं” और ऐसी चेतावनियां देश को और मजबूत करती हैं।
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम पर ईरान ने तीखा पलटवार किया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने साफ कहा कि “हम पागलपन भरी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं” और ऐसी चेतावनियां देश को और मजबूत करती हैं।

ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा था कि अगर Strait of Hormuz को 48 घंटे में बिना शर्त नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करेगा।
ईरान का जवाब—एकता और मजबूत होगी
पेजेशकियान ने कहा कि ईरान को खत्म करने की कोशिशें “हताशा” दिखाती हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य “दुश्मनों को छोड़कर” बाकी सभी के लिए खुला है।
लोगों को चेतावनी—पानी जमा करें, फोन चार्ज रखें
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारी Ismail Sakeb Isfahani ने लोगों से अगले 48 घंटों के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने पानी स्टॉक करने और फोन चार्ज रखने की सलाह दी, जिससे संभावित संकट की आशंका जताई जा रही है।
बिजली संकट की भी चेतावनी
ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने कहा कि अगर ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट हो सकता है।
‘दुश्मनों’ के जहाजों पर सख्ती
अंतर्राष्ट्रीय मैरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन ईरान के प्रतिनिधि अली मौस ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को छोड़कर बाकी जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
क्यों अहम है होर्मुज?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल-गैस सप्लाई गुजरती है। इस पर बढ़ता तनाव सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट का संकेत भी दे रहा है। अब हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच चुके हैं जहां हर बयान और हर कदम पूरे विश्व पर असर डाल सकता है।