Edited By Tanuja,Updated: 16 Jan, 2026 07:06 PM

ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ने के दावे सामने आ रहे हैं। तेहरान के काहरिज़क फॉरेंसिक संस्थान के बाहर शवों के ढेर की खबरें हैं। इंटरनेट बंदी के कारण वास्तविक संख्या स्पष्ट नहीं, लेकिन मानवाधिकार संगठन हजारों...
International Desk: ईरान में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच हालात बेहद भयावह होते जा रहे हैं। तेहरान स्थित काहरिज़क फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट के सामने एक मैदान में बड़ी संख्या में शव होने के दावे सामने आए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह इलाका मृतकों से भरा हुआ प्रतीत हो रहा है, हालांकि इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद होने के कारण इसकी स्वतंत्र पुष्टि मुश्किल है। डॉयचे वेले (DW) से बातचीत में ईरान से हाल ही में लौटे एक व्यक्ति ने दावा किया कि हजारों लोग मारे गए हो सकते हैं। उसने बताया कि वह एक दोस्त के साथ उसकी पत्नी का शव पहचानने और वापस लेने काहरिज़क गया था। महिला एक प्रदर्शन में शामिल थी और कथित तौर पर सुरक्षा बलों की गोली से मारी गई।
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, प्रदर्शन से एक रात पहले इलाके में स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही थीं। इसके बाद कई लोगों के लापता होने और शवों के फॉरेंसिक केंद्र पहुंचने की खबरें सामने आईं। ईरान में विरोध प्रदर्शन दो हफ्ते से अधिक समय से जारी हैं, लेकिन कई दिनों से इंटरनेट बंद है और बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग ठप है। ऐसे में कुछ वीडियो स्टारलिंक सैटेलाइट के जरिए या तस्करी कर बाहर भेजे जा रहे हैं। रॉयटर्स से बात करते हुए एक ईरानी अधिकारी ने मंगलवार को दावा किया कि करीब 2500 से अधिक लोगों की मौत हुई है। वहीं, नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स संगठन ने बुधवार को मृतकों की संख्या कम से कम 3,379 बताई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा 12, 000 से कहीं अधिक हो सकता है।
इसके अलावा, अधिकारियों ने 10,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को आशंका है कि कई बंदियों पर शो ट्रायल चलाकर उन्हें मौत की सजा दी जा सकती है।सरकार समर्थक मीडिया प्रदर्शनकारियों को लगातार “आतंकवादी” और “विदेशी एजेंट” बता रहा है। ईरान के न्याय मंत्री अमीन हुसैन रहीमी ने हाल ही में गिरफ्तार लोगों को “अपराधी” करार दिया।प्रदर्शन दबाने के लिए पुलिस के अलावा बसीज नामक अर्धसैनिक संगठन को भी मैदान में उतारा गया है। यह संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नियंत्रण में है और सीधे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति जवाबदेह माना जाता है। बसीज को कट्टरपंथी विचारधारा के प्रति अत्यधिक वफादार बल के रूप में जाना जाता है।