Edited By Tanuja,Updated: 22 Jan, 2026 11:23 AM

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि गाजा संघर्षविराम की निगरानी के लिए प्रस्तावित अमेरिकी ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का फैसला रणनीतिक साझेदारों से सलाह के बाद ही होगा। पुतिन ने संयुक्त राष्ट्र आधारित समाधान और फलस्तीनी हितों पर जोर...
International Desk:रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट किया है कि गाजा संघर्षविराम योजना की निगरानी के लिए प्रस्तावित अमेरिका की अगुवाई वाले ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने को लेकर कोई भी निर्णय रणनीतिक साझेदारों से परामर्श के बाद ही लिया जाएगा। बुधवार देर रात राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक की शुरुआत में पुतिन ने कहा कि रूस के विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि वह अमेरिका से प्राप्त दस्तावेज़ों का गहन अध्ययन करे, सहयोगी देशों से सलाह-मशविरा करे और उसके बाद ही निमंत्रण पर प्रतिक्रिया दी जाए।
ट्रंप को निमंत्रण के लिए धन्यवाद
पुतिन ने कहा कि रूस हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को मजबूत करने वाले प्रयासों का समर्थन करता रहा है और आगे भी करेगा। उन्होंने यूक्रेन संकट के समाधान के लिए अमेरिकी प्रशासन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि ट्रंप ने गाजा संघर्षविराम की निगरानी के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के गठन का प्रस्ताव दिया है, जिसे वैश्विक नेताओं का एक समूह बताया जा रहा है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यह बोर्ड भविष्य में आभासी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरह वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। पुतिन ने कहा कि रूस को भेजे गए प्रस्ताव में पश्चिम एशिया में शांति, फिलीस्तीनियों की समस्याओं के समाधान, और गाजा पट्टी में मानवीय संकट को कम करने पर विशेष जोर दिया गया है।
UN के दायरे में ही हो समाधान
उन्होंने साफ कहा कि पूरी प्रक्रिया का आधार संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समाधान में फिलीस्तीनियों की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिसमें गाजा का पुनर्निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, जल आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा शामिल हैं। पुतिन ने घोषणा की कि रूस गाजा से जुड़े मानवीय प्रयासों के लिए एक अरब अमेरिकी डॉलर का दान देगा। साथ ही उन्होंने बताया कि वह इन मुद्दों पर फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से गुरुवार को बातचीत करेंगे। महमूद अब्बास दो दिवसीय दौरे पर रूस पहुंचे हैं।
रूस-अमेरिका शक्ति संतुलन
रूस ने साफ कर दिया है कि वह गाजा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर अमेरिका की अगुवाई वाली किसी व्यवस्था में स्वतंत्र और संतुलित रुख के बिना शामिल नहीं होगा। पुतिन का बयान बताता है कि मॉस्को किसी भी अमेरिकी पहल को सीधे स्वीकार करने के बजाय रणनीतिक साझेदारों—चीन, ब्रिक्स और क्षेत्रीय सहयोगियों—से सलाह को प्राथमिकता देता है। यह रवैया अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की रूस की नीति को दर्शाता है।
UN बनाम ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’
ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ट्रंप संकेत दे चुके हैं कि यह बोर्ड UN का विकल्प बन सकता है। लेकिन पुतिन ने स्पष्ट किया कि कोई भी समाधान UN प्रस्तावों के दायरे में ही होना चाहिए। इससे यह टकराव उभरता है कि वैश्विक शांति की कमान बहुपक्षीय संस्थाओं के पास रहे या अमेरिका-नेतृत्व वाले नए मंचों के हाथ में जाए।
गाजा मानवीय संकट
गाजा में मानवीय हालात स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, पानी और भोजन का संकट अब वैश्विक चिंता का विषय हैं। पुतिन ने गाजा पुनर्निर्माण, सामाजिक ढांचे और बुनियादी सेवाओं पर जोर देते हुए 1 अरब डॉलर दान की घोषणा की। यह कदम रूस को केवल रणनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय नेतृत्वकर्ता के रूप में भी पेश करता है और फलस्तीनी अधिकारों पर उसका समर्थन रेखांकित करता है।