ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड पर ! डेनमार्क से वार्ता की तैयारी में US विदेश मंत्री रूबियो, यूरोप और नाटो देशों में मची हलचल

Edited By Updated: 08 Jan, 2026 03:05 PM

rubio plans to meet danish officials to talk about us interest in greenland

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अगले सप्ताह डेनमार्क के अधिकारियों से ग्रीनलैंड पर अमेरिकी रुचि को लेकर मुलाकात करेंगे। ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड को रणनीतिक सुरक्षा के लिहाज से अहम मानता है, जबकि यूरोपीय देशों ने अमेरिकी मंशा पर गंभीर चिंता जताई है।

International Desk: आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी मंशा फिर साफ कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला प्रशासन ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है, जिससे यूरोप और नाटो देशों में हलचल मच गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि वह अगले सप्ताह डेनमार्क के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। यह बैठक ऐसे समय होने जा रही है, जब ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण की मंशा को दोहराया है। ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वशासित क्षेत्र है और रणनीतिक रूप से आर्कटिक में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

रूबियो ने बताया कि डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन और ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्ज़फेल्ट ने उनसे मुलाकात का अनुरोध किया था। इससे पहले की गई ऐसी मांगें सफल नहीं हो सकी थीं। सूत्रों के अनुसार, रूबियो ने अमेरिकी सांसदों को एक गोपनीय ब्रीफिंग में बताया कि ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड को सैन्य बल से नहीं बल्कि खरीद के जरिए हासिल करना चाहता है। यह बयान पहली बार वॉल स्ट्रीट जर्नल में सामने आया। रूबियो ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने पहले कार्यकाल से ही ग्रीनलैंड को हासिल करने की बात करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नजर चीन और रूस से आ रहे आर्कटिक क्षेत्र के खतरों पर है और इसी वजह से ग्रीनलैंड को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है।

 

यूरोप में गहरी चिंता
ग्रीनलैंड मुद्दे पर फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और ब्रिटेन के नेताओं ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि ग्रीनलैंड “वहां के लोगों का है।” फ्रेडरिक्सन ने चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा नाटो के अंत जैसा होगा। यूरोपीय रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की आक्रामक बयानबाजी नाटो जैसे सैन्य गठबंधन की एकता को कमजोर कर सकती है। अमेरिकी सीनेटरों में भी इस मुद्दे पर मतभेद दिख रहे हैं। कुछ रिपब्लिकन सांसद ग्रीनलैंड को रणनीतिक रूप से अहम मानते हैं, लेकिन सैन्य कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं। डेनमार्क पहले ही अपने देश में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की अनुमति दे चुका है। बावजूद इसके, विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जा वैश्विक कानून व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है। 
 

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