Edited By Radhika,Updated: 07 Jun, 2025 12:03 PM

पुलवामा जैसे हमलों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत सात देशों में अपने प्रतिनिधिमंडल भेजे। इसका मकसद हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बारे में दुनिया को जानकारी देना और पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को...
नेशनल डेस्क: पुलवामा जैसे हमलों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत सात देशों में अपने प्रतिनिधिमंडल भेजे। इसका मकसद हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बारे में दुनिया को जानकारी देना और पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को बेनकाब करना था।
पाकिस्तान ने अमेरिका भेजा डेलिगेशन
भारत की इस पहल के जवाब में पाकिस्तान ने भी अमेरिका में अपना डेलिगेशन भेजा। इस डेलिगेशन का नेतृत्व पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने किया। लेकिन अमेरिका में उन्हें उस तरह का समर्थन नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमैन ने दी सख्त चेतावनी
वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमैन ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए दो टूक कहा कि पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2002 में जैश के आतंकियों ने अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या कर दी थी, जो उनके ही संसदीय क्षेत्र से ताल्लुक रखते थे। ब्रैड शेरमैन ने स्पष्ट किया कि जैश-ए-मोहम्मद न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है और इस संगठन को पूरी तरह खत्म करना पाकिस्तान की जिम्मेदारी है।
अल्पसंख्यकों के अधिकारों का भी मुद्दा उठा
सिर्फ आतंकवाद ही नहीं, शेरमैन ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हर नागरिक को बिना डर के अपने धर्म का पालन करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।