Edited By Tanuja,Updated: 04 Oct, 2023 03:41 PM

दक्षिण चीन सागर में क्षेत्राधिकार को लेकर जारी विवाद के बीच फिलीपींस और चीन के बीच टकराव बढ़ने का खतरा है। दोनों देशों की तल्खी का...
इंटरनेशनल डेस्कः दक्षिण चीन सागर में क्षेत्राधिकार को लेकर जारी विवाद के बीच फिलीपींस और चीन के बीच टकराव बढ़ने का खतरा है। दोनों देशों की तल्खी का साफ असर देखा जा सकता है। दोनों देशों की तल्खी का साफ असर देखा जा सकता है। इस बीच अमेरिका ने संयुक्त सैन्य अभ्याास शुरू किया है। इस बहुस्तरीय सैन्य अभ्यास में फिलीपींस और अमेरिका के साथ ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, कनाडा जैसे देश भी भाग ले रहे हैं। अमेरिकन नौसेना ने बताया कि सैन्य अभ्यास को समा-समा 2023 नाम दिया गया है।
सैन्य अभ्यास का यह छठा संस्करण अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जापान, यूनाइटेड किंगडम और मलेशया जैसे देश भाग ले रहे हैं। अमेरिकन नौसेना के अधिकारी कैप्टन सीएन लेविस ने बताया कि 'समा-समा' का अर्थ एक साथ होता है और इस अभ्यास की भावनाओं को देखते हुए इससे बेहतर नाम नहीं हो सकता। कैप्टन सीएन अमेरिकन नौसेना के डिस्ट्रॉयर स्क्वाड्रन 7 को कोमोडोर हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान सुरक्षा से जुड़े बड़े मुद्दों का समाधान किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में देश संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं। ऐसे में संयुक्त ऑपरेशन के लिहाज से देशों का परस्पर सहयोग बढ़ने की पूरी संभावना है। इससे इनोवेशन और दक्षिण China सागर और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत करने के मकसद से संयुक्त सुरक्षाबल तैयार करने में भी मदद मिलेगी। समा-समा में आठ देशों के लगभग 1800 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। इनमें से कई अधिकारियों की पोस्टिंग युद्धपोत पर की गई है। फिलीपींस, अमेरिका, जापान, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम के युद्धपोत भाग ले रहे हैं।
रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार चीन के तटरक्षक बल और फिलीपींस के युद्धपोतों का टकराव बढ़ रहा है। इसके साथ ही साउथ चाइना सी के पास मरीन मिलिशिया का खतरा भी बढ़ रहा है। बढ़ते तनाव और टकराव को न केवल दक्षिण चीन सागर, बल्कि इसके आसपास के क्षेत्रों में शांति के लिहाज से भी चिंताजनक माना जा रहा है। फिलीपींस की नौसेना के प्रमुख वाइस एडमिरल टोरिबो अडासी जूनियर ने एक न्यूज रिपोर्ट में कहा, समा-समा युद्धाभ्यास के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा के सााथ-साथ अंतरदेशीय अपराधों पर नकेल कसने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कई बडे़ खतरों से मिलकर निपटने के लिहाज से 8 देशों का संयुक्त सैन्य अभ्यास काफी अहमियत रखता है।