मणिपुर में काम कर गई अमित शाह की अपील, भारी मात्रा में हथियार सरेंडर कर रहे लोग

Edited By Updated: 02 Jun, 2023 03:34 PM

amit shah s appeal worked in manipur

हिंसाग्रस्त मणिपुर में गृह मंत्री अमित शाह की अपील काम कर गई है। शुक्रवार सुबह से ही राज्य के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में लोग चोरी किए गए हथियार सरेंडर करके जा रहे हैं।

नेशनल डेस्क: हिंसाग्रस्त मणिपुर में गृह मंत्री अमित शाह की अपील काम कर गई है। शुक्रवार सुबह से ही राज्य के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में लोग चोरी किए गए हथियार सरेंडर करके जा रहे हैं। मणिपुर में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने 140 से अधिक हथियार जमा कराए हैं। अमित शाह ने मणिपुर के अपने चार दिवसीय दौरे के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को सभी संबंधितों पक्षों से अपील की थी कि वे अपने हथियार सुरक्षाबलों और प्रशासन को सौंप दें। शाह ने यह भी चेतावनी दी थी कि राज्य में जल्द ही तलाशी अभियान चलाया जाएगा और किसी के पास कोई हथियार पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों ने बताया कि इंफाल में गृह मंत्री की अपील के बाद शुक्रवार सुबह तक 140 से अधिक हथियार सौंपे जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक मणिपुर में ज्यादातर जिलों में स्थिति कुल मिलाकर शांतिपूर्ण है और उपद्रवियों द्वारा खाली घरों में गोलियां चलाने या आग लगाने की छिटपुट घटनाएं अब दुर्लभ होती जा रही हैं क्योंकि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

सौंपे गए हथियारों का ब्यौरा 
सौंपे गए हथियारों में सेल्फ-लोडिंग राइफलें, कार्बाइन, एके और इंसास राइफलें, लाइट मशीन गन, पिस्तौल, एम-16 राइफल, स्मोक गन/आंसू गैस, स्टेन गन और ग्रेनेड लॉन्चर शामिल हैं। तीन मई को मणिपुर में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद गृह मंत्री ने पहली बार पूर्वोत्तर राज्य का दौरा किया है। मणिपुर में ‘जनजातीय एकता मार्च' के बाद जातीय हिंसा भड़क उठी थी। अनुसूचित जाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर मेइती समुदाय ने तीन मई को प्रदर्शन किया था जिसके बाद ‘जनजातीय एकता मार्च' का आयोजन किया गया था।

मणिपुर करीब एक महीने से जातीय हिंसा से प्रभावित है और राज्य में इस दौरान झड़पों में इजाफा देखा गया है। कुछ सप्ताह की खामोशी के बाद पिछले रविवार को सुरक्षा बलों एवं उग्रवादियों के बीच गोलीबारी भी हुई। अधिकारियों ने बताया कि संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार सुबह तक सामुदायिक हॉल सहित 272 राहत शिविरों में करीब 37,450 लोग रह रहे हैं।

अधिकांश जिलों में स्थिति "सामान्य" है
पुलिस ने कहा कि अधिकांश जिलों में स्थिति "सामान्य" है और इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व और बिष्णुपुर में 12 घंटे (सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे के बीच) के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है, जिरिबाम में आठ घंटे (सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के बीच); थौबल और काकिंग में सात घंटे (सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच); चुराचांदपुर और चंदेल में 10 घंटे (सुबह 5 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच); टेंग्नौपाल में आठ घंटे (सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक); कांगपोकपी में 11 घंटे (सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक); और फेरज़ोल में 12 घंटे (सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक)। पुलिस ने कहा, "तमेंगलोंग, नोनी, सेनापति, उखरुल और कामजोंग में कोई कर्फ्यू नहीं है।"
 

 

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