बैंकिंग हड़कंप: Bank of Baroda का बड़ा फर्जीवाड़ा, 48 खातों से 9 करोड़ का लिया गया लोन, बैंक कर्मचारी की 'मिलीभगत'

Edited By Updated: 02 Jan, 2026 10:13 AM

bank of baroda main branch scam financial fraud rae bareli uttar pradesh

उत्तर प्रदेश के रायबरेली से वित्तीय धोखाधड़ी की एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर की बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) मुख्य शाखा में जाली कागजातों के दम पर 9 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया गया है।...

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के रायबरेली से वित्तीय धोखाधड़ी की एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर की बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) मुख्य शाखा में जाली कागजातों के दम पर 9 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया गया है। इस महाघोटाले की गूंज अब पुलिस महकमे से लेकर बैंक के गलियारों तक सुनाई दे रही है।

कैसे खुला 'फर्जीवाड़े' का पिटारा?
यह पूरा मामला तब सतह पर आया जब बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय ने कुछ खातों की गोपनीय तरीके से जांच करवाई। पड़ताल में पाया गया कि साल 2024 और 2025 के दौरान कुल 48 आवेदकों ने अपनी असल पहचान छिपाकर और नकली दस्तावेजों का सहारा लेकर 'पर्सनल लोन' हासिल किया था। फर्जीवाड़े की रकम 9,02,50,000 रुपये आंकी गई है। क्षेत्रीय कार्यालय की रिपोर्ट के बाद, मुख्य प्रबंधक मुकेश ने सोमवार देर शाम रायबरेली की सदर कोतवाली में सभी 48 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है।

संदेह के घेरे में बैंक कर्मचारी: 'मिलीभगत' की आशंका
किसी भी बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया बेहद जटिल होती है, जिसमें फिजिकल वेरिफिकेशन, सैलरी सर्टिफिकेट और गारंटर जैसे कई कड़े नियम शामिल हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में फर्जी लोन जारी होना बिना 'भीतर' की मदद के नामुमकिन माना जा रहा है।

जांच का केंद्र: पुलिस अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिन्होंने इन लोन फाइलों को मंजूरी दी थी।

अनदेखी का सवाल: क्या लोन देने से पहले आवेदकों के घर जाकर सर्वे किया गया? अगर किया गया, तो जाली दस्तावेजों को असली कैसे मान लिया गया?

 रिटायर्ड बैंक अधिकारी का कहना है कि "बिना बैंक कर्मियों की शह के ऐसा घोटाला संभव नहीं है। आमतौर पर एक सक्रिय गिरोह होता है जो बैंक के अंदरुनी संपर्कों के साथ मिलकर कागजी खानापूर्ति को ठिकाने लगाता है।" -

इन इलाकों के 'मास्टरमाइंड' आए रडार पर
पुलिस ने जिन 48 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है, वे जिले के अलग-अलग हिस्सों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें सलोन, डलमऊ, बछरावां, रतापुर, प्रगतिपुरम और सिविल लाइंस जैसे इलाकों के निवासी शामिल हैं। आरोपियों में उत्तम चक्रवर्ती, उमाशंकर, शिवरानी, अर्चना मिश्रा, बबलू राठौर और साबिर जैसे नाम प्रमुखता से शामिल हैं।

पुलिस की कार्रवाई और बैंक की 'चुप्पी'
एसपी डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह मामले की कमान संभाल चुके हैं। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान कई बड़े चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं। दूसरी ओर, बैंक प्रबंधन ने इस मामले पर पूरी तरह चुप्पी साध ली है, जिससे विभाग के भीतर मचे हड़कंप का अंदाजा लगाया जा सकता है।

 नियमानुसार, व्यक्तिगत लोन के लिए विभाग की एनओसी, पीएफ का विवरण और केवाईसी (KYC) अनिवार्य है। साथ ही दो गवाहों की पुष्टि भी जरूरी होती है। इस मामले में पुलिस यह देख रही है कि किस स्तर पर इन नियमों को ताक पर रखा गया।

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!