Edited By Radhika,Updated: 05 May, 2025 01:20 PM

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम टेरर अटैक के बाद से भारत सरकार द्वारा कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार एक बड़ा कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि के साथ ही सभी संबंध खत्म कर दिए हैं। बीते दिन जमीयत उलेमा ए- हिंद के अध्यक्ष ने इस मुद्दे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेस कर...
नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम टेरर अटैक के बाद से भारत सरकार द्वारा कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार एक बड़ा कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि के साथ ही सभी संबंध खत्म कर दिए हैं। बीते दिन जमीयत उलेमा ए- हिंद के अध्यक्ष ने इस मुद्दे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेस कर हमले की निंदा की थी।
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बीजेपी का तीखा पलटवार
मदनी के इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ऐसे बयानों से देश की एकता और सुरक्षा के मुद्दे पर गलत संदेश जाता है। बीजेपी ने यह भी पूछा कि क्या मदनी पाकिस्तान के पक्ष में बोल रहे हैं?
जानकारी के लिए बता दें कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने की खबरों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "अगर कोई पानी रोकना चाहता है तो रोकने दो, ये नदियां हजारों सालों से बह रही हैं। आप उनका पानी कहां ले जाएंगे? यह इतना आसान नहीं है।"
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मोहब्बत की ज़रूरत
बयान में आगे मदनी ने देश में बढ़ते ध्रुवीकरण और सामाजिक माहौल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि नियम मोहब्बत का होना चाहिए, नफरत का नहीं। मैं एक मुसलमान हूं, अपनी पूरी जिंदगी इसी देश में बिताई है और जानता हूं कि जो बातें आजकल फैलाई जा रही हैं, वो देश के लिए ठीक नहीं हैं।"