Edited By Radhika,Updated: 15 May, 2025 01:40 PM

जम्मू- कश्मीर के पहलगाम हमले में हुए आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में दरार आ गई है। हालांकि इस हमले का क्नेक्शन आतंकी संगठन लश्करे-तैयबा से बताया जा रहा है। पड़ोसी देश पाकिस्तान को तुर्की का पूरा स्पोर्ट मिल रहा है।
नेशनल डेस्क: जम्मू- कश्मीर के पहलगाम हमले में हुए आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में दरार आ गई है। हालांकि इस हमले का क्नेक्शन आतंकी संगठन लश्करे-तैयबा से बताया जा रहा है। पड़ोसी देश पाकिस्तान को तुर्की का पूरा स्पोर्ट मिल रहा है। भारत ने तुर्की का ऐसे समय पर साथ दिया था, जब वो मुसीबत में था। तुर्की द्वारा पाकिस्तान को पूरा स्पोर्ट किया जा रहा है। भारत के साथ ऐसी गद्दारी को लेकर तुर्की को लेकर बॉयकाट के नारे लगाए जा रहे हैं। आइए 5 प्वाइंट में जानते हैं कि पाकिस्तान से दोस्ती तुर्की को कैसे बर्बाद कर सकती है?
पाकिस्तान के साथ बढ़ती दोस्ती के कारण तुर्की को भारत के साथ संबंध बिगाड़ना महंगा पड़ रहा है। भारत में सोशल मीडिया पर चल रहे 'बॉयकॉट तुर्की' अभियान का असर अब व्यापार, पर्यटन और मनोरंजन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिखने लगा है, जिससे तुर्की की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है।
मार्बल उद्योग को झटका-
भारत में तुर्की से भारी मात्रा में मार्बल का आयात होता है, जिससे तुर्की को सालाना 2500 से 3000 करोड़ रुपये का लाभ होता है। हालांकि उदयपुर में भी मार्बल की खानें हैं लेकिन फिर भी भारतीय व्यापारी तुर्की के मार्बल को प्राथमिकता देते हैं। अब बायकॉट के चलते इस आयात पर रोक लगने से तुर्की के मार्बल उद्योग को बड़ा झटका लग सकता है।
'एप्पल स्ट्राइक' से मुश्किल-
सेब उत्पादन के मामले में तुर्की एक बड़ा देश है और भारत भी उससे बड़ी मात्रा में सेब आयात करता है। दुनिया के 40 देशों से भारत में 3 लाख से 55 लाख तक सेब आते हैं। यदि भारत तुर्की से सेब का आयात बंद कर देता है, तो तुर्की के लिए यह एक और बड़ा आर्थिक नुकसान होगा।
पर्यटन पर बुरा असर-
भारत से बड़ी संख्या में लोग तुर्की घूमने जाते हैं, जिससे तुर्की की अर्थव्यवस्था को काफी सहारा मिलता है। लेकिन 'बॉयकॉट तुर्की' के ट्रेंड के बाद कई भारतीयों ने अपनी तुर्की यात्रा की योजना रद्द कर दी है और टिकटें तेजी से कैंसिल हो रही हैं। इससे तुर्की के पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है और इस क्षेत्र से जुड़े रोजगार पर भी खतरा मंडरा रहा है।
मनोरंजन जगत में गिरावट-
भारत में तुर्की के नाटकों और वेब सीरीज की लोकप्रियता काफी अधिक है। 'द प्रॉमिस' और 'प्यार लफ्जों में कहां' जैसे रोमांटिक ड्रामा लोगों को खूब पसंद आते हैं। लेकिन पाकिस्तान के साथ दोस्ती के कारण भारत में तुर्की के मनोरंजन कंटेंट का बहिष्कार हो रहा है, जिससे इस उद्योग को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भारत ने मिलाया दुश्मनों से हाथ-
तुर्की के पाकिस्तान से हाथ मिलाने के बाद भारत ने भी जवाबी कदम उठाया है। भारत अब तुर्की के विरोधी देशों जैसे ग्रीस और आर्मेनिया के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ा रहा है। इससे तुर्की को होने वाले फायदे अब इन देशों को मिलेंगे, जिससे तुर्की की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है।