Edited By Rohini Oberoi,Updated: 22 Jan, 2026 02:16 PM

तमिलनाडु के कई हिस्सों में चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशालय (DPH) ने अलर्ट मोड पर आते हुए सभी जिलों और शहरी निकायों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान मौसम मच्छरों के पनपने के लिए बेहद...
Chikungunya Alert: तमिलनाडु के कई हिस्सों में चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशालय (DPH) ने अलर्ट मोड पर आते हुए सभी जिलों और शहरी निकायों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान मौसम मच्छरों के पनपने के लिए बेहद अनुकूल है जिससे संक्रमण के और तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है।
इन जिलों में बढ़ा संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विभाग ने उन इलाकों की पहचान की है जहां मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है:
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प्रमुख जिले: चेन्नई, विलुपुरम, तेनकासी, थेनी, कड्डलूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और अरियालूर। इन क्षेत्रों में बुखार के मामलों की निगरानी (Surveillance) बढ़ा दी गई है और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

लक्षण पहचानें: जोड़ों का दर्द हो सकता है खतरनाक
चिकनगुनिया के मरीजों में कुछ खास लक्षण देखे जा रहे हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है:
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तेज बुखार और थकान: अचानक तेज बुखार के साथ शरीर में भारी सुस्ती।
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जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द: जोड़ों में असहनीय दर्द, जो कई दिनों तक बना रह सकता है।
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जांच की प्रक्रिया: विभाग ने डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि बुखार के संदिग्ध मरीजों का IgM ELISA टेस्ट अनिवार्य रूप से किया जाए।

अस्पतालों और लैब के लिए सख्त आदेश
बीमारी को रोकने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य केंद्रों को तैयार रहने को कहा है:
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मच्छर-मुक्त वार्ड: डेंगू और चिकनगुनिया के वार्डों में मच्छरदानियों (Mosquito Nets) का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है।
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अनिवार्य रिपोर्टिंग: निजी अस्पतालों और लैब को हर एक पॉजिटिव मामले की जानकारी तुरंत सरकार को देनी होगी। रिपोर्टिंग में देरी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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रैपिड रिस्पॉन्स टीम: किसी भी आपातकालीन स्थिति या 'आउटब्रेक' से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।

मच्छर नियंत्रण के लिए जंग शुरू
जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अलग-अलग विभागों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाएं। रुके हुए पानी में लार्वा मारने वाली दवाओं का छिड़काव और प्रभावित इलाकों में फॉगिंग की जाएगी। हर हफ्ते 'ड्राई डे' मनाकर पानी के टैंकों और बर्तनों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।