INDIA गठबंधन को बड़ा झटका, पश्चिम बंगाल और केरल में अकेले चुनाव लड़ेगी CPI-M, ममता बनर्जी की बढ़ सकती है टेंशन

Edited By Updated: 18 Sep, 2023 07:32 PM

cpi m will contest elections alone in bengal and kerala

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) ने इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सीपीएम ने केरल और पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का मन बनाया है

नेशनल डेस्कः मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) ने इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सीपीएम ने केरल और पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का मन बनाया है। सूत्रों ने बताया कि यह फैसला दिल्ली में सीपीएम की बैठक में हुआ है। बता दें कि हाल ही में दिल्ली में इंडिया गठबंधन के कॉर्डिनेट कमेटी की बैठक हुई थी। इस बैठक में सीट शेयरिंग से लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
PunjabKesari
बता दें कि केरल में लोकसभा की 20 सीटें हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में 19 सीटों पर यूपीए ने जीत दर्ज की थी। वहीं, पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से टीएमसी को 22 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा को 18 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटों पर ही जीत मिली। हालांकि, बाद में बाबुल सुप्रियो के पाला बदलने के बाद आसनसोल की सीट टीएमसी के खाते में चली गई। अब टीएमसी के पास 23 सांसद हैं।

पश्चिम बंगाल में टीएमसी- सीपीएम आमने सामने
पश्चिम बंगाल में टीएमसी की धुर विरोधी पार्टी सीपीएम ने अकेले चुनाव लड़ने का मन बनाया है। इससे ममता बनर्जी को बड़ा झटका लग सकता है। पिछले लोकसभा चुनाव में टीएमसी और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। इसके बाद भी कांग्रेस 2 सीटें ही जीत पाई थी। वहीं, सीपीएम के खाते में एक भी सीट नहीं आई। हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में मुस्लिम वोट एक बार फिर सीपीएम की तरफ जाता दिखाई दिया है। इससे ममता बनर्जी बेहद चिंतित नजर आ रही है।
PunjabKesari
कभी सीपीएम का कोर वोटर कहा जाने वाला एक वर्ग अब एकमुश्त टीएमसी को वोट करता आ रहा है। लेकिन पंचायत इलेक्शन के नतीजों में टीएमसी के गिरते ग्राफ और भाजपा, सीपीएम के बढ़ते ग्राफ ने ममता बनर्जी को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है। ममता बनर्जी इस बात को इंडिया गठबंधन की बैठकों में भी उठा चुकी हैं कि पश्चिम बंगाल में सीपीएम अपना रूख साफ करे कि वह गठबंधन में चुनाव लड़ेगी या फिर नहीं। इस बात पर अभी सीपीएम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन ममता बनर्जी की नाराजगी बता रही है कि सीपीएम टीएमसी के साथ कोई समझौता करने को तैयार नहीं है।
PunjabKesari
इंडिया गठबंधन की पिछली दो प्रेस कॉन्फ्रेंस से ममता बनर्जी का किनारा करना भी इस ओर इशारा कर रहा है। ममता बनर्जी सिर्फ सीपीएम से ही नहीं, राहुल गांधी से भी नाराज बताई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, लालू यादव कई बार राहुल गांधी को इशारों ही इशारों में पीएम पद का उम्मीदवार बता चुके हैं। इससे ममता बनर्जी नाराज चल रही हैं। ममता बनर्जी चाहती हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के नाम पर कोई चर्चा नहीं हो। चुनाव के बाद यदि इंडिया गठबंधन सरकार बनाने के करीब पहुंचता है तो तब इस पर चर्चा की जाए।

सीट शेयरिंग पर नहीं बनी बात
सूत्रों के मुताबिक, इंडिया गठबंधन कॉर्डिनेशन कमेटी की पहली बैठक में सीट शेयरिंग पर बात नहीं बन पाई, जिसके बाद एक और डेडलाइन तय कर दिया गया। सीट बंटवारे का मुद्दा अब राज्यों के हिसाब से किया जाएगा। कांग्रेस हाईकमान सीधे क्षेत्रीय पार्टियों से संपर्क साध कर राज्य की राजनीति के हिसाब से सीट बंटवारे का मुद्दा सुलझाएगा।
PunjabKesari
सूत्रों के हवाले से बताया कि कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक में जब सीट बंटवारे का मुद्दा उठा, तो अधिकांश नेताओं ने इसे राज्य स्तर पर सुलझाने का सुझाव दिया। यह भी कहा गया कि राज्य स्तर पर नहीं सुलझने के बाद इस मसले को राष्ट्रीय स्तर पर लाया जाए। बैठक में मौजूद कई नेताओं का तर्क था कि इस सुलझाने के लिए कई राज्यों में सख्त फैसला लेने की जरूरत पड़ सकती है। दरअसल, इंडिया गठबंधन में शामिल कई पार्टियां मौजूदा जीती हुई सीटों पर से अपना दावा पीछे छोड़ने को राजी नहीं है।

उमर अब्दुल्ला ने खुलकर कही अपनी बात
कॉर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग में उमर अब्दुल्ला ने खुलकर अपनी बात कही। अब्दुल्ला ने कहा कि जो सीट अभी जिस पार्टी के पास है, उस पर बातचीत नहीं होनी चाहिए। कुछ सदस्यों ने इस पर ऐतराज भी जताया। जम्मू-कश्मीर में लोकसभा की कुल 6 सीटें हैं, जिसमें 3 घाटी क्षेत्र में 2 जम्मू क्षेत्र में और 1 लद्दाख क्षेत्र में है। घाटी की तीनों सीटों पर उमर अब्दुल्ला की पार्टी को 2019 में जीत मिली थी। इंडिया गठबंधन में शामिल 3 दलों का जम्मू-कश्मीर की सियासत में दबदबा है।
PunjabKesari
यहां भी विरोध
कई राज्यों में इंडिया गठबंधन के दलों में सीट शेयरिंग को लेकर विरोध के स्वर उठ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की राज्य ईकाई के नेताओं ने पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी से गठबंधन को खुले तौर पर नकार दिया है। आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस को पंजाब और दिल्ली में जगह देने को तैयार नहीं है। पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की संभावनाओं से इनकार करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पंजाब में अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि दिल्ली में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने को तैयार है। दिल्ली कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने कहा था कि आम आदमी पार्टी गठबंधन से बाहर निकलने की योजना बना रही है।
 

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!