Edited By Rohini Oberoi,Updated: 14 Oct, 2025 09:19 AM

नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोमवार को हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में EPF अकाउंट से पैसा निकालने के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की...
नेशनल डेस्क। नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सोमवार को हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में EPF अकाउंट से पैसा निकालने के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद अब पीएफ सदस्यों के लिए अपने खाते से पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सरल हो जाएगा। श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर खुद इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में EPFO सदस्यों के लिए जीवन को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
PF निकासी के नियमों में 5 बड़े और राहत भरे बदलाव
EPFO ने पहले के 13 कठिन निकासी नियमों को खत्म कर दिया है और अब केवल तीन सरल श्रेणियों (आवश्यक जरूरतें, हाउसिंग जरूरतें और विशेष परिस्थितियां) में ही आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की अनुमति दी है।
| नया नियम |
बदलाव/पुराना नियम |
EPFO सदस्य को लाभ |
| 1. पूरी निकासी की अनुमति |
सदस्य अब अपने PF खाते में मौजूद पूरी राशि (Complete Amount) निकाल सकेंगे। |
रिटायरमेंट या विशेष परिस्थितियों में पूरा फंड निकालना आसान हुआ। |
| 2. निकासी की अधिकतम लिमिट बढ़ी |
शिक्षा के लिए निकासी की सीमा 3 बार से बढ़ाकर 10 बार की गई। शादी के लिए निकासी की सीमा 3 बार से बढ़ाकर 5 बार की गई। |
शिक्षा और शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए बार-बार फंड निकालने की सुविधा। |
| 3. न्यूनतम सेवा अवधि में कमी |
अलग-अलग जरूरतों के लिए आवश्यक न्यूनतम सेवा अवधि (Minimum Service Period) को घटाकर 12 महीने किया गया। |
कम समय तक नौकरी करने वाले भी जरूरत पड़ने पर जल्दी PF निकाल सकेंगे। |
| 4. विशेष परिस्थितियों में आसानी |
प्राकृतिक आपदा, महामारी या बेरोजगारी में निकासी के लिए अब कोई कारण बताना जरूरी नहीं होगा। |
क्लेम खारिज होने का झंझट खत्म, विशेष स्थितियों में तुरंत फंड मिलेगा। |
| 5. ऑटो सेटलमेंट और तेज निपटान |
निकासी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑटोमैटिक करने की तैयारी, अब कोई दस्तावेज जमा नहीं करना होगा। |
क्लेम्स का निपटारा तेजी से (Fast Processing) होगा। फाइनल सेटलमेंट की अवधि 2 माह से बढ़ाकर 12 माह की गई। |
EPFO ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सदस्यों के खाते में हमेशा 25% राशि मिनिमम बैलेंस के तौर पर रहे ताकि उन्हें 8.25% की ब्याज दर और चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा मिलता रहे।